दिसम्बर २, २०१८
केरल सरकार सबरीमालामें महिलाओंके प्रवेशका विरोध करने वालोंके विरुद्घ १ जनवरीको ६०० किमी लम्बी महिला श्रृंखला बनाएगी । यह श्रृंखला कासरगोडसे तिरुवनंतपुरम तक बनेगी । केरलके मुख्यमन्त्री पी विजयनने कहा कि यह श्रृंखला राज्यकी धर्मनिरपेक्ष और प्रगतिशीलता छविको देशके समक्ष रखेगी । इस निणयको मंदिरमें महिलाओंके प्रवेशके समर्थनपर शक्ति प्रदर्शनके रूपमें देखा जा रहा है ।
विजयनने रविवार, २ दिसम्बरको महिलाओंके प्रवेशका समर्थन करने वाले ५० से अधिक सामाजिक संगठनोंके साथ बैठक की । उन्होंने कहा कि हम केरलके प्रगतिशील समाजको अंधेरेमें नहीं धकेल सकते । सबरीमाला मंदिरमें न्यायालयके प्रत्येक आयुकी महिलाओंके प्रवेशके आदेशके विरुद्घ राज्यभरमें प्रदर्शन कर रहे हिन्दूवादी संगठनोंको लेकर राज्य सरकारने सामाजिक संगठनोंकी बैठक बुलाई थी ।
विजयनने बताया कि बैठकमें भाग लेने वाले सभी सामाजिक संगठनोंने न्यायखलयके आदेशका विरोध कर रहे लोगोंके विरुद्घ १ जनवरीको कासरगोडसे तिरुवनंतपुरम तक महिलाओंकी दीवार बनानेका निर्णय किया । इससे हम पूरे देशको केरलकी प्रगतिशील सोचके बारेमें बताएंगे ।
विरोध प्रदर्शनोंको लेकर भाजपाने केरलमें चार सदस्यीय केन्द्रीय समिति भेजी है । यह समिति १५ दिवसमें अपना यौरा भाजपाके राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाहको सौंपेगी । इस समितिमें राज्य सभा सांसद सरोज पांडे, प्रहलाद जोशी, नलिन कुमार कतील, विनोद सोनकर सम्मिलित हैं ।
“ईश्वरके समक्ष शक्ति प्रदर्शन करने वाला भक्त नहीं हो सकता, क्योंकि भक्त तो आज्ञाकारी व नियमोंका पालन करने वाला होता है; अतः राज्यके सव कार्योको छोड केवल हिन्दू धर्मकी विडम्बनामें गत दो माहसे लगे ईसाई मुख्यमन्त्रीकी यह विधर्मियोंकी श्रृंखला निरर्थक ही है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : भास्कर
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