इंदौरमें बलपूर्वक धर्मपरिवर्तनका प्रयास, हिन्दू बेटीने लगाया माता-पितापर आरोप : ९ बन्दी, अन्यको ढूंढ रही पुलिस


२८ जनवरी, २०२१
         इंदौरके भंवरकुआं थाना क्षेत्रमें ईसाई समुदायके सत्यप्रकाशन संचार केन्द्रमें अनेक हिन्दुओंका बलपूर्वक धर्मान्तरण करवाया जा रहा था ।
बजरंग दल व विश्व हिन्दू परिषदके कार्यकर्ता वहां पहुंचे और उन्होंने पुलिसको सूचित किया । वहां उपस्थित एक २५ वर्षीय युवतीकी ओरसे परिवाद प्रविष्ट करवाया गया । युवती शालिनी कौशलने अपनी माता रानी तथा पिता राकेश कौशलके विरुद्ध परिवाद प्रविष्ट करते हुए बताया कि उसके माता-पिता, उसे नानीके घर चलनेका कारण बताकर उस प्रार्थना सभामें लेकर आए । वहां उपस्थित कुछ लडकियोंने उसके साथ मारपीट की । उसे बलपूर्वक एक कक्षमें बैठाया गया, जहां प्रभु यीशूके गीत बज रहे थे । उसे उन गीतोंपर थिरकनेके लिए विवश किया जा रहा था । उसने बताया कि उसका बलपूर्वक धर्मान्तरणका प्रयास किया जा रहा था । यथासमय हिन्दू कार्यकर्ता वहां पहुंचे तथा पुलिसको सूचित किया ।  मध्यप्रदेश धर्म स्वातन्त्र्य अध्यादेश २०२० के अन्तर्गत उसके माता-पिता सहित ९ लोगोंको बन्दी बनाया गया है ।
            उल्लेखनीय है कि इंदौरके ‘सेंट अर्नोल्ड रिलीजस सेन्टर’ नामक गिरजाघरमें इंदौरके निकटवर्ती क्षेत्र चन्दन नगर सहित निकटके नगरों देवास, नागदा, झाबुआसे निर्धन परिवारोंके लगभग १५० लोगोंको किसी न किसी प्रकार लोभ देकर वहां एकत्रित करके धर्मपरिवर्तन करवाया जा रहा था ।
         मध्यप्रदेशके गरिजाघरोंमें निर्धन ही नहीं, सामान्यजनको भी किसी न किसी प्रकार गिररिजाघरमें बुलाकर उनका धर्म परिवर्तित करनेके प्रयास होते हैं । विशेषकर जब कोई व्यक्ति किसी रोगसे ग्रस्त हो तो उसे यह कहकर बुलाया जाता है कि वहां वह रोगमुक्त हो सकेगा । रोग मुक्ति हेतु ‘चंगाई’ सभाएं भी कभी-कभी आयोजित की जाती हैं । इन्हें धर्मान्तरण जैसे कार्यों हेतु विदेशसे धन प्राप्त होता है, जिससे ईसाई ‘मिशनरीज’ पाठशालाएं ‘कॉन्वेंट’ चलाते हैं । मध्यप्रदेशमें बलपूर्वक धर्मान्तरणके विरुद्ध विधान है; अतः राज्य शासन व न्यायालयसे आरोपियों हेतु कठोर दण्डकी अपेक्षा है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ 

स्रोत : ऑप इंडिया



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