कई रोगोंमें प्रभावी है सम्मोहन चिकित्सा ‘हिप्नोटिज्म’से ही ‘हिप्नोथेरेपी’ या सम्मोहन चिकित्सा शब्द निकला है । विभिन्न रोगोंके उपचारमें सम्मोहन चिकित्साको प्रभावी पाया गया है । मानसिक विकारोंको दूर करने और पारिवारिक विवादोंको हल करनेमें भी सम्मोहन चिकित्साकी उल्लेखनीय भूमिका पाई गई है । सम्मोहन चिकित्साके माध्यमसे प्रसव पीडाको भी न्यून किया जा सकता है […]
सम्मोहनके माध्यमसे क्या कुछ हो सकता है : जैसाकि पहले कहा गया है कि सम्मोहनके मध्य व्यक्ति सम्मोहनकर्ताकी सभी आज्ञाओंका पालन करता है; किन्तु एक वर्ग यह भी कहता है कि यदि कोई आज्ञा सम्मोहित व्यक्तिके विश्वासोंके अनुसार अनैतिक या अनुचित है तो वह उसका पालन नहीं करता है और सम्मोहनसे बाहर आ जाता है […]
अचेतनको जाग्रत करनेकी कला सम्मोहन या ‘हिप्नोटिस्म’ एक ऐसा शब्द है, जो बहुत ही जिज्ञासा और आश्चर्य प्रकट करता है । भारतमें भले ही इसे चमत्कारके समान देखा जाता हो; किन्तु विदेशोंमें इसपर बहुत शोध हो रहे हैं । सम्मोहनको विज्ञानसे जोडनेका कार्य ऑस्ट्रियाके फ्रांस-मेस्मरने किया था, जबकि ‘हिप्नोटिस्म’को डॉ. जेम्स ब्रेड १९ वीं शताब्दीमें […]
ग्रामीण भागमें आज भी आयुर्वेद एवं जडी-बूटियोंका ज्ञान लोगोंको है । दो दिवस पूर्व पूज्य बद्री बाबाके अस्थि विसर्जन हेतु कुछ स्थानीय ग्रामीण हमारे साथ महेश्वर नगर गए थे । लौटते समय वे उपासनाके आश्रममें आए थे । उनमेंसे एक वृद्ध बाबा यहींके निकटके गांवके हैं । उन्हें जब गोशाला दर्शन हेतु ले गई तो […]
मर्दन या मालिशका आवश्यक ज्ञान उबटन और अभ्यंग स्नान : उबटनको यदि संयुक्त घर्षण और तेल स्नान कहा जाए तो असत्य नहीं होगा; क्योंकि उबटनमें तेलयुक्त पदार्थके मिश्रणसे शरीरका तेल स्नान भी हो जाता है और साथ ही साथ सम्पूर्ण रूपसे उसका घर्षण तथा मर्दन (मालिश) भी । उबटनसे शरीरको सभी लाभ होते हैं, जो […]
आयुर्वेदके ग्रन्थ ‘वाग्भट्ट’में उबटनके सम्बन्धमें लिखा है : उद्धर्तनं हरं मेदसः प्रविलापनम् । स्थिरी करण मंगानां त्वक प्रसादकरं परम ॥ उत्साद नाद भवेत स्त्रीणां विशेषात कान्दिमवपुः । प्रहर्स सौभाग्य मृजा लाघवादि गुणान्वितम् ॥ अर्थात उबटनसे कफ और वसा (चर्बी) कम हो जाती है । उबटनके प्रयोगसे स्त्रियोंको तो विशेष रूपसे लाभ होता है अर्थात उनके […]
विशेष : ध्यान रहे दुग्ध स्नानके पश्चात जलस्नान करनेपर दूधकी चिकनाई अथवा गन्ध शरीरपर शेष नहीं रहनी चाहिए, अन्यथा स्नान स्वास्थ्यकर सिद्ध नहीं होगा तथा ऐसे त्रुटिपूर्ण स्नानसे हानि भी हो सकती है । दुग्धस्नानमें कच्चे (बिना ओटाए) और नूतन दूधका ही प्रयोग करना चाहिए ! शरीरके बालोंवाले भागपर दूधका प्रयोग निरर्थक है […]
मर्दन या मालिश का आवश्यक ज्ञान उबटन और अभ्यंग स्नान : उबटनको यदि संयुक्त घर्षण और तेल स्नान कहा जाए तो असत्य नहीं होगा; क्योंकि उबटनमें तेलयुक्त पदार्थके मिश्रणसे शरीरका तेल स्नान भी हो जाता है और साथ ही साथ सम्पूर्ण रूपसे उसका घर्षण तथा मर्दन (मालिश) भी । उबटनसे शरीरको सभी लाभ होते हैं, […]
आजकल पाश्चात्य भोजनालयोंमें भोजनके साथ शीतलपेय परोसनेका प्रचलन है और नेत्र मूंदकर विदेशियोंको अनुकरण करनेवाले भारतीय, उन्हें बडे गर्वसे पीते हैं और स्वयंको आधुनिक समझते हैं; किन्तु आयुर्वेद अनुसार ऐसा नहीं करना चाहिए । वस्तुत: भोजनके समय किसी भी प्रकारका, सामान्य तापमानसे नीचे कोई भी शीतल पेय, विशेषकर कृत्रिम शीतल पेय कदापि न पिएं और […]
यदि यह स्नान उचित रीतिसे किया जाए तो इसका प्रभाव शरीरके ऊपरी भागकी त्वचापर इतना अच्छा पडता है कि देखकर आश्चर्य होता है । कुछ दिनोंके पश्चात समूचा शरीर ‘मलमल’की भांति कोमल हो जाता है और त्वचापर एक प्रकारका आकर्षक लावण्य आ जाता है । विशेष : शुष्क घर्षणस्नानमें तेल या इसी प्रकारकी किसी अन्य […]