* भार नियन्त्रणमें सहायक : बढे हुए भारसे दुःखी लोगोंके लिए भी भुट्टा एक सरल और उत्तम उपाय सिद्ध हो सकता है । इसमें प्रचुर मात्रामें ‘फाइबर’ पाया जाता है, जो कि भारको नियन्त्रित रखनेके साथ ही उसे न्यून करनेमें भी सहायता कर सकता है । इसके अतिरिक्त, भुट्टेके बालका उपयोग भी बढते भारको रोकनेमें […]
‘न्यूट्रीशन इंडेक्स : एंटीऑक्सीडेंट्स’से भरपूर १०० ग्राम भुट्टेके दाने लगभग ३६० ‘कैलोरी’ ऊर्जा प्रदान करते हैं । इसमें ७ प्रतिशत वसा, १८ प्रतिशत ‘प्रोटीन’, २४ प्रतिशत ‘कार्बोहाइड्रेट’ और ८ प्रतिशत ‘पोटैशियम’ होता है । साथ ही इसमें ३१% ‘मैग्नीशियम’, ३०% ‘विटामिन-बी६’ और १५ प्रतिशत ‘आयरन’ होता है । इसके अलावा यह ‘कैल्शियम’, ‘फॉस्फोरस’, ‘कैरोटीन’, ‘फॉलिक […]
* गर्भावस्थामें है सहायक : मां और बच्चे दोनोंके लिए गर्भावस्थाके मध्य इसके कई लाभ हैं । मक्का ‘फोलिक एसिड’से भरे होते हैं, इसमें ‘जेक्सैन्थिन’ और रोगनाशक अम्ल होता है जो बच्चेमें जन्म दोषोंके कष्टको कम करता है । यह बच्चेको मांसपेशियोंके विकृति और शारीरिक समस्याओंसे बचा सकता है । इसकी उच्च ‘फाइबर’ सामग्रीके कारण, […]
* रक्त शर्करा और ‘कोलेस्ट्रॉल’के लिए : स्तरको कम करता है ‘स्वीट कॉर्न’ और मक्केका तेल रक्तके प्रवाहको बढाता है, ‘कोलेस्ट्रॉल’के अवशोषणको कम करता है और ‘इंसुलिन’को नियन्त्रित करता है, जिससे यह मधुमेह और ‘कोलेस्ट्रॉल’के रोगियोंके लिए एक उत्कृष्ट विकल्प है । विशेषज्ञोंकी मानें तो यह ‘कार्ब्स’में समृद्ध है और ऊर्जाका एक बडा स्रोत है […]
* ‘कैंसर’की रोकथामके लिए : इसमें ‘एंटीऑक्सीडैंट’ और ‘फ्लेवेनॉइड’ गुण होते हैं जो कर्करोग जैसे गम्भीर रोगोंकी रोकथाम करते हैं । मक्कामें पाए जानेवाले ‘फेरूलिक एसिड’ स्तनमें ‘कैंसर’ होनेसे बचाता है । कई प्रकारके अध्ययनोंसे जाननेमें आया है कि मक्का ‘एंटी-ऑक्सीडेंट्स’का बहुत अच्छा स्रोत होता है, जो कर्करोगकी (कैंसरकी) रोकथाम करनेमें महत्त्वपूर्ण होता है । […]
* ‘कब्ज’ न होने दे मक्का : मक्काके आटेका सेवन करनेसे शरीरमें पर्याप्त मात्रामें ‘फाइबर’ पहुंचता है, जिससे शरीरमें ‘कोलेस्ट्रॉल’का स्तर भी सामान्य बना रहता है । मलबद्धताकी समस्या भी उत्पन्न नहीं होती है । * ‘हाइपरटेंशन’से बचाए : प्रतिदिन मक्काके आटेका सेवन करनेसे शरीरको पर्याप्त मात्रामें ‘विटामिन बी’ मिलता है, जिससे ‘हाइपरटेंशन’की समस्या नहीं […]
* भुट्टेके बालमें बनी ‘चाय’, ‘किडनी’में एकत्रित हुए ‘टॉक्सिन्स’ और ‘नाइट्रेट’को शरीरसे बाहर निकाल देता है और कडनीमें पडे हुए पथरोंको धीरेसे गलाकर बाहरकर देता है । वहीं दूसरी ओर, जो लोग इस पेयको पीते हैं, उन्हें पथरीका भय कम हो जाता है । * मधुमेहके नियन्त्रणके लिए : भुट्टेके बालसे बनी ‘चाय’ रक्तशर्कराके लिए […]
* बलवान अस्थियोंके लिए : ‘फॉस्फोरस’, ‘मैग्नीशियम’ और ‘जिंक’ जैसे तत्त्व मक्कामें भरपूर होते हैं । इससे अस्थियोंको बल मिलता है । साथ ही अस्थियोंसे (हड्डियोंसे) जुडे रोग न्यून हो जानेकी सम्भावना होती है । * शक्ति बढानेका स्रोत : ‘कार्बोहाइड्रेट्स’का अच्छा स्रोत है मक्का । इसीलिए इसे खानेसे ऊर्जा शीघ्र प्राप्त होती है । […]
* ‘किडनी’की समस्या : मक्केकी बालियां ‘किडनी’में होनेवाली समस्याओंको रोकनेमें बहुत सहयोगी मानी जाती हैं । मक्केकी बालियांके (ताजे दुधिया, जो पूर्णतः पका न हो) दाने पीसकर एक ‘शीशे’के पात्रमें भरकर धूपमें रखिए । जब उसका दूध सूखकर उड जाए और शीशीमें केवल तेल रह जाए तो उसे छान लीजिए । उसके पश्चात प्रतिदिन एक […]
* भुट्टा हृदय रोगको भी दूर करनेमें सहायता करता है; क्योंकि इसमें ‘विटामिन सी’, ‘कैरोटिनॉइड’ और ‘बायोफ्लेवनॉइड’ पाया जाता है । यह ‘कोलेस्ट्रॉल’के स्तरको बढनेसे बचाता है और शरीरमें रक्तके प्रवाहको भी बढाता है । * इसका सेवन गर्भावस्थामें भी बहुत लाभदायक होता है, इसलिए गर्भवती महिलाओंको इसे अपने आहारमें सम्मिलित करना चाहिए; क्योंकि इसमें […]