हिन्दू राष्ट्र

हिन्दू स्वार्थी हो चुका है !!


स्वार्थमें अन्धे व्यक्तिको राष्ट्र और समाज हितकी बातें समझमें नहीं आती हैं, यह इस देशके चुनाव परिणाम चीख-चीखकर बताते हैं !

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गोपूजक देश गोमांस निर्यातमें प्रथम !!!


गोपूजक रुपी हिन्दू बहुल देश, विश्वके गोमांस निर्यातकोंकी सूचीमें प्रथम पायदानपर है, इससे अधिक लज्जास्पद बात हिन्दुओंके लिए और क्या हो सकती है ?

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हिन्दुओंकी क्षत्रियहीनता धर्मके पतनका कारण !!


बौद्ध और महावीरके कालसे ही हिन्दुओंको तथाकथित अहिंसाका ऐसा पाठ पढाया गया है कि आज तक हिन्दू अपने ऊपर होनेवाले आक्रमणोंका प्रतिकार क्षात्रवृत्तिसे नहीं कर पाता है ! कश्मीरसे लेकर केरलतक हिन्दुओंपर या हिन्दुओंके आस्थाकेन्द्रोंपर सतत आक्रमणों एवं आघातोंसे यही सिद्ध होता है ।    जो अंशमात्रकी क्षात्रवृत्ति बची थी, वह १८७८ के शस्त्र अधिनियम (आर्मस […]

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मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढमें भाजपाकी हारसे कौनसे तथ्य उभर कर आते हैं ? (भाग – ४)


कहा गया है कि आत्मविश्वास जितना अच्छा होता है, अति आत्मविश्वास उतना ही घातक होता है ! इस बार मध्य प्रदेश और राजस्थानमें तो भाजपाके हारनेमें अनेक कारणोंमेंसे एक कारण उसके कार्यकर्ताओंमें अति आत्मविश्वास है ! अति आत्मविश्वास अहंकारका द्योतक होता है; अतः भाजपाने समय रहते अपने कार्यकर्ताओंकी वृत्तिकी समीक्षा कर योग्य सुधार करना चाहिए […]

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मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढमें भाजपाकी हारसे कौनसे तथ्य उभर कर आते हैं ? (भाग – ३)


चुनाव परिणाम विश्लेषण करते समय अनेक लोगोंने कहा कि नोटाके कारण भाजपा दो राज्योंमें (राजस्थान और मध्य प्रदेशमें) हार गई; इसमें यदि सत्यता है तो भाजपाको अन्तर्मुख होकर विचार करना होगा कि यदि जो लोग उनके पक्षमें मत देनेवाले थे, उन्होंने ‘नोटा’को क्यों दबाया ?    वस्तुत: यदि इस देशमें सभी हिन्दुत्वनिष्ठ, राष्ट्रनिष्ठ और बुद्धिजीवी होते […]

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मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढमें भाजपाकी हारसे कौनसे तथ्य उभर कर आते हैं ? (भाग – २)


भारतकी जनता लोकतन्त्रके लिए अभी तक सिद्ध नहीं है, क्योंकि स्वार्थी जनता लोकतान्त्रिक व्यवस्थामें स्वयंकी प्रवृत्ति समान ही प्रत्याशीका चुनाव करती है ! यह इन चुनावोंमें पुनः सिद्ध हो चूका है…..

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मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढमें भाजपाकी हारसे कौनसे तथ्य उभर कर आते हैं ? (भाग – १)


इस देशकी जनताके पास पर्याय नहीं है ! इस देशमें आजकी राजनीतिकी स्थिति ‘अंधोंमें कनवा राजा’वाली है, यदि यहांकी जनता, सत्ताधारी भाजपासे कुछ करणवश असन्तुष्ट है और वह उन्हें सत्ताच्युत कर दण्डित करना चाहती है तो उनके पास कांग्रेसको चुननेके अतिरिक्त और कोई पर्याय है ही नहीं ! चाहे जनता जानती हो कि कांग्रेसी राजनेताओंके […]

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गायके संरक्षण हेतु हिन्दू राष्ट्र ही आवश्यक


कभी गायके संरक्षकके रूपमें प्रसिद्द यह भारत देश, अब विश्वमें दूसरे सबसे बडे गोमांस निर्यातकके रूपमें जाना जाता है, इसलिए हमें हिन्दू राष्ट्र चाहिए ! हिन्दू राष्ट्रमें गोवंशकी हत्यापर पूर्ण प्रतिबन्ध होगा !

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कांग्रेसका पाकिस्तान प्रेम


एक कहावत है, ‘सौ दिनका चोर एक दिन अवश्य ही पकडा जाता है’, उसीप्रकार कांग्रेसका पाकिस्तान प्रेम और देशद्रोही स्वरुप अब समाजके समक्ष खुलकर आने लगा है !

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आर्थिक भ्रष्टाचार राष्ट्रद्रोह है !


आर्थिक भ्रष्टाचार एक प्रकारसे राष्ट्रद्रोह है एवं इसमें सहयोग देनेवाले सभी व्यक्ति पापके अधिकारी होते हैं, यह तत्त्वज्ञान इस समाजको नहीं दिया गया, यह उसीका परिणाम है; अतः भ्रष्टाचारके निर्मूलन हेतु समाजमें राष्ट्रप्रेम एवं नैतिकताकी शिक्षा देना अति आवश्यक है ।

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