हिन्दू राष्ट्र

साधको सावधान ! तीसरे वैश्विक युद्धकी पृष्ठभूमि बनना आरम्भ हो चुकी है ।


साधको ! क्या आप सबको समझमें आ रहा है कि तीसरे विश्वयुद्ध होनेकी पृष्ठभूमि विश्वपटलपर होने हेतु घटनाक्रम आरम्भ हो चुका है ! एक बार विश्व युद्ध आरम्भ हो गया तो साधना करना और भी कठिन हो जाएगा; क्योंकि उस समय प्राणको बचाना हमारा प्रथम ध्येय होगा चाहे, वह स्वयंके प्राण हों, अपने कुटुम्बके प्राण […]

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धार्मिक अराजकता समाप्त होनेके लिए हिन्दू राष्ट्र आवश्यक !


आजके अनेक कथावाचकोंको व प्रवचनकरोंको भी अनिष्ट शक्तियोंका कष्ट है । इसके पीछे एक तो उनके जीवनमें योग्य गुरुका न होना है और दूसरा उनमें अनेक दोषों एवं तीव्र अहंका होना है । आप तो देख ही रहे है ऐसे कथावाचकोंने ……

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सन्तानें पालकोंका सम्मान करे, इस हेतु उनका भी वर्तन आदर्श होना चाहिए !


मैंने पाया है कि जैसे आजकी अनेक स्त्रियां अपने ससुरालवालोंसे स्नेह नहीं करती हैं और उनसे अपने पतिको भी दूर रखती हैं, वैसे ही आज अनेक सास-ससुर भी जैसा वर्तन अपनी पुत्री समान पुत्रवधूसे करना चाहिए, वैसा नहीं करते हैं । और यदि विवाहके आरम्भमें ही कुछ बहुत पीडादायक प्रसंग घटित हो जाए तो ऐसी […]

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आजके निधर्मी नेतागण व पूर्वकालके धार्मिक वृत्तिके राजाओंमें अन्तर !


पूर्वकालमें राजा-महाराजा भव्य मन्दिरोंका निर्माण कराकर, उनका अनुरक्षण (रखरखाव) राजकीय कोषसे करते थे और आज ही मुझे ज्ञात हुआ कि दक्षिण भारतके कुछ राज्योंके, प्राचीन मन्दिरोंकी वे देखभाल करते हैं एवं उन मन्दिरोंके न्यासके वे विश्वस्त …..

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तुष्टिकरणकी राजनीतिकी घृणित परम्पराका कोरोना महामारी में भी जारी !


रमजानका माह आरम्भ होते ही सब दूकाने खुल गयीं, यह जानते हुए भी की इस समुदायद्वारा महामारी हेतु बनाए गए नियमोंका पालन कदापि न होगा और मूढ नेतओ, अपने नेत्र खोलकर देखें, वे कैसे ९५ % जनताके गृह बंदीके प्रयासोंका उपहास कर रहे हैं …..

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धर्म अधिष्ठित हिन्दू राष्ट्र बनाने हेतु मृतवत हिन्दू समाजमें क्षात्रवृत्ति जाग्रत करना आवश्यक !


जिस धर्मनिरपेक्ष भारतमें नित्य गोवंशका वध हो, मंदिरोंको विकासके नामपर तोडा जाता हो, आतंकी हमारे सैनिक बन्धुके साथ छद्म युद्ध कर उनके प्राण लेने हेतु उतारु रहे, जहां विद्यालय एवं महाविद्यालयमें हमारे धर्मग्रन्थोंको पाठ्यक्रमका भाग बनानेकी अनुमति न हो, जहां हिन्दू अमरनाथकी यात्रा निर्भय होकर न कर सके एवं कैलाश पर्वत रुपी तीर्पक्षेत्रमें जाने हेतु […]

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सन्तों एवं ईश्वरीय तत्त्वद्वारा राष्ट्रद्रोहियोंके विरोध में क्षात्रतेजयुक्त विचार !


कल मेरी एक संतसे बात हो रही थी, वे भी देशमें जमातियों एवं जिहादियोंके उपद्रवसे बहुत क्रोधित थे और कह रहे थे कि उन्हें कारागारमें नहीं डालना चाहिए क्योंकि वे दुष्टबुद्धि है वहां भी कुछ दुष्टता ही करेंगे, उन्हें तो  सीधे गोली मारना चाहिए ! मैंने मनमें सोचा तो मेरे मनमें भी ऐसे राष्ट्रद्रोहियों एवं […]

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पुनः एक और चिकित्सकीय जांच दलपर जिहादियोंने प्राणघातक आक्रमण किए !


लीजिये, कल पुनः एक और चिकित्सकीय जांच दलपर जिहादियोंने प्राणघातक आक्रमण किए ! यह घटना उत्तर प्रदेशमें होना और भी आश्चर्यका विषय है; क्योंकि योगीजीके विषयमें तो अब सम्पूर्ण भारत जान ही चुका है !      कुछ लोग कहते हैं कि ये मूर्ख हैं इसलिए ऐसा कर रहे हैं, तो कुछ कहते हैं कि […]

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कठोर दंड न देनेके कारण आज धर्मांध सम्पूर्ण भारतमें कुकृत्य कर रहे हैं !


जैसे कश्मीरमें पथराव करनेवालोंको कठोर दंड न देनेके कारण आज सर्वत्र धर्मान्ध भिन्न अवसरोंपर पथराव करते दिखाई देते हैं वैसे ही एक स्थानपर जांच हेतु गए चिकित्सकोंपर मार-पीट करनेपर उन्हें कठोर दंड न देनेके कारण, आज धर्मांध सम्पूर्ण भारतमें ऐसे कुकृत्य करते दिखाई देते हैं ! यह सब शासन और प्रशासक वर्गकी निष्क्रियता एवं पापाचारी […]

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वर्षा ऋतु आनेपर पानीका अपव्यय रोककर अगले ग्रीष्म ऋतुकी पूर्वसिद्धता करें !


वर्षा ऋतु आनेमें अब दोसे ढाई माह रह गए हैं ! पिछले वर्ष ग्रीष्म ऋतुमें सम्पूर्ण भारतमें जलके लिए ‘त्राहि मां’की स्थिति हम सबने देखी ही थी ! इसलिए इस बार चूंकि अधिकांश लोग घरपर ही हैं तो सभी मिलकर यह प्रयास करें कि इस बार वर्षा ऋतुके जलका संचय अपने घर, अपने वसतिगृहमें (कॉलोनीमें), […]

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