हिन्दू राष्ट्र

हिन्दुत्वनिष्ठों, भाजपा शासन आ चूका इसलिए हिन्दू राष्ट्र आ जायेगा ऐसे भ्रममें न रहें और अपना प्रयास जारी रखें !


सबका साथ, सबका विकास व सबका विश्वास, अंतर्गत मोदी शासनका मुसलमानोंका वृहद तुष्टिकरण आरम्भ हो गया है, मोदीजी आप कुछ भी कर लें, उनका विश्वास आप तभी जीत सकते हैं जब आप कांग्रेस समान हिन्दुद्रोही हो जायेंगे, अन्यथा उनका विश्वास आप या आपका शासन कभी नहीं जीत सकता, यह अच्छेसे अपने अन्तर्मनमें अंकित कर लें […]

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वर्तमान कालमें अधिकांश कलाकृतियां या रचनाएं तामसिक !


पूर्व कालकी भारतकी कलाकृतियां या रचनाएं अधिकतर तामसिक नहीं होती थी; किन्तु वर्तमान कालमें अधिकांश कलाकारोंकी कलाकृतियां या रचनाएं तामसिक होती हैं । उसका मूल……

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आतंकवादका सामना कैसे कर उसे जडसे नष्ट करना चाहिए यह कोई अहिंसाके पुजारी कहे जानेवाले बौद्ध देश श्रीलंकासे सीखे !


आतंकवादका कैसे सामना कर उसे जडसे नष्ट करना चाहिए यह कोई अहिंसाके पुजारी कहे जानेवाले बौद्ध देश श्रीलंकासे सीखे ! वहां तो ऐसी स्थिति बौद्धोंने निर्माण कर दी है कि वहांके मुसलमान मन्त्रीगण त्यागपत्र देने हेतु बाध्य हो गए हैं ?  हमारे यहां तो सत्ता मिलते ही देशहित गौण और स्वहित प्रधान हो जाता है […]

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बंगालमें राष्ट्रपति शासन क्यों नहीं लागू किया जा रहा ?


बंगालकी स्थिति दिन प्रतिदिन बिगडती जा रही है, केन्द्र शासन क्या उसके कश्मीर बननेकी प्रतीक्षा कर रहा है ? वहांपर त्वरित अध्यादेश लाकर राष्ट्रपति शासन क्यों नहीं लागू किया जा रहा है ?

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सत्तालोलुप स्वार्थी नेतागण एक गठबंधन कर कैसे रह सकते हैं ?


घरमें भी एक छतके नीचे दो स्वार्थी लोग प्रेमपूर्वक नहीं रह सकते हैं ऐसेमें सत्तालोलुप स्वार्थी नेतागण एक गठबंधन कर कैसे रह सकते हैं ?

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प्रतिद्वंद्वीके प्रति सम्मानका भाव किसे कहते हैं ?, यह भी ज्ञात न होनेवाले राज्यकर्ता !


चुनावसे पूर्व प्रत्याशीगण एक दूसरेपर आरोप-प्रत्यारोप कर सम्पूर्ण वातावरणको दूषित कर देते हैं । जिन्हें स्वस्थ प्रतिस्पर्धा क्या होती है ?, अपने प्रतिद्वंद्वीके प्रति सम्मानका भाव किसे कहते हैं ?, यह भी ज्ञात नहीं, वे राष्ट्रका कल्याण कैसे कर सकते हैं ? ऐसे निकृष्ट लोकतन्त्रका राष्ट्रके उत्थान हेतु शीघ्र परित्याग कर, हिन्दू राष्ट्र रूपी आदर्श […]

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राष्ट्रद्रोहियोंको दण्ड देकर ही सुधारा जा सकता है, यह सामान्य सा तथ्य ज्ञात न होनेवाले आजके राज्यकर्ता !


आजके राज्यकर्ताओंके राजधर्मसे सम्बन्धित निर्णयको देखकर यह ज्ञात होता है कि जैसे मात्र राष्ट्रका अहित करनेके लिए ही वे पदका दुरुपयोग करते हैं । जो अपराधीवृत्तिके लोग, सेना एवं सुरक्षाकर्मियोंपर पथराव…

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तथाकथित धर्मोंमें मस्जिद/ गिरिजाघरोंकी दु:स्थिति!


सम्पूर्ण विश्वमें मस्जिदका मौलवी और गिरिजाघरका फादर स्त्री और बच्चोंके यौन शोषण करनेके क्रममें पकडे जाते हैं, इससे ही इस तथाकथित धर्मोंके तत्त्वज्ञान कैसे होंगे यह ज्ञात होता है !

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निधर्मी लोकतंत्रमें देशके राजनेता एक राष्ट्र भाषा तक नहीं दे पाए !


इस निधर्मी लोकतंत्रके विषयमें और क्या कहा जाए कि सात दशक पश्चात इस देशके राजनेता इस देशको एकसूत्रमें पिरोने हेतु एक राष्ट्र भाषा तक नहीं दे पाए ! आज भी अधिकांश दक्षिण भारतीय राज्योंमें हिंदी भाषाको हेय दृष्टिसे देखा जाता है !

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हिन्दू राष्ट्रमें सभी राज्यकर्ता धर्माचरणी एवं प्रजापालक होंगे !


इस देशकी जनताको अंधोंमें कनवा राजाके समान राज्यकर्ताओंका चयन कर संतुष्ट होना पडता है, अर्थात भ्रष्टोंमें जो कम भ्रष्ट हों, अपराधियोंमें जिसने कम अपराध किया हो इत्यादि ! ऐसे भ्रष्ट और निधर्मी लोकतंत्रके स्थानपर धर्म अधिष्ठित हिन्दू राष्ट्रकी स्थापना करना अनिवार्य हो गया है जहां सभी राज्यकर्ता धर्माचरणी एवं प्रजापालक होंगे |

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