आगामी कालमें सर्वत्र प्राकृतिक आपदाओंका प्रकोप होगा, यह बात अनके सन्त पिछले अनेक वर्षोंसे समाजको बता रहे हैं; किन्तु मैकाले शिक्षित हिन्दुओंको सन्तोंको इन बातोंपर विश्वास नहीं होता ! कुछ दिवसोंसे केरलमें बाढने प्रलयकी स्थिति निर्मित कर दी है….
आजके राजनेता फीता काटकर किसी प्रतिष्ठानका उद्घाटन करते हैं, सार्वजानिक स्तरपर केक काटकर जन्मदिन मनाते हैं; इसीलिए इस देशकी प्रजा भी पाश्चात्य संस्कृतिका अनुसरण करती हैं !…
जैसे-जैसे हम आपातकालकी और बढेंगे, प्राकृतिक आपदाओंकी तीव्रता बढती जाएगी; अतः अभीसे उसकी पूर्वसिद्धता करना अति आवश्यक है । कृपया इस सूचनाओंको संग्रहित कर रखें, उसे आचरणमें लानेका प्रयास करें…..
वैभव रावत ‘सनातन’के साधक नहीं है, वे मात्र ‘हिन्दू जन जागृति समिति’के हिन्दू संगठन उपक्रम अन्तर्गत राष्ट्ररक्षणके कार्यक्रममें एवं हिन्दू अधिवेशनमें भाग लेते रहे हैं ! ….
एक व्यक्तिने पत्रके माध्यमसे पूछा है कि कुछ सन्त, विश्वयुद्ध है, महाविनाश है, ऐसी निराशाजनक बातें समाजको क्यों बताते हैं ? क्या इससे समाजमें नकारात्मकता नहीं फैलेगी ?
सन्त भविष्यद्रष्टा होते हैं, वे मात्र भविष्यमें होनेवाली कष्टप्रद स्थितियोंके विषयमें अवगत ही नहीं कराते हैं, अपितु उसपर क्या उपाययोजना करना है, यह भी बताते हैं । वे माता समान होते हैं, जैसे एक मां अपने बुद्धिसे जो भी समझमें आता है…
धर्मकी अवहेलना करनेवाले, देवी-देवताओंके अस्तित्वको नकारनेवाले, हिन्दू धर्मियोंको दिशाहीन करनेवाले, धर्मद्रोही राजनेताओंके निधनपर धर्मअधिष्ठित हिन्दू राष्ट्रमें राष्ट्रीय शोक नहीं होगा ! यह कहना अधिक उचित होगा कि सभीको धर्मशिक्षण मिलनेके कारण हिन्दू राष्ट्रमें धर्मद्रोही राजनेताओंकी प्रजाति ही नहीं होगी !
विप्र (ब्राह्मण), धेनु (गाय), सुर (देवता) और सन्तकी रक्षाके लिए ईश्वर अवतार धारण करते हैं और इस सृष्टिका इतिहास कहता है कि पूर्वके युगोंमें एक स्त्रीके शीलके हरण मात्र प्रयास भी महायुद्धका कारण बना !
यदि इस देशका शासन धर्मान्धोंके ‘लव जिहाद’को रोकने हेतु कोई कठोर विधान (कानून) बनाता तो आज धर्मान्धोंद्वारा सम्पूर्ण देशमें ‘रेप जिहाद’की महामारी नहीं फैलती ! जिहादके भिन्न स्वरुप जैसे लव जिहाद, रेप जिहाद, जनसंख्या जिहाद, भूमि जिहाद जैसे अत्याचारोंसे हिन्दुओं और इस राष्ट्रको सुरक्षित करने हेतु हिन्दू राष्ट्रकी स्थापना अनिवार्य है ।
यदि मात्र एक राज्य (असममें) ४० लाख बंगलादेशी रह रहे हैं तो इस पूरे देशमें कितने घुसपैठिए होंगे, इसका विचार करें और ‘नेशनल सिटिजन रजिस्टर’को सम्पूर्ण देशके लागू कर सर्वत्र घुसपैठियोंकी जांच होनी चाहिए । सभी घुसपैठियोंको बाध्य किया जाए कि वे जहांसे आए हैं, वहीं जाएं, हमरा देश पहले ही जनसंख्या विस्फोटका दंश झेल […]
हिन्दुओ ! जो भी व्यक्ति, दल या संस्था रोहिंग्या मुसलमानों एवं बंगलादेशी घुसपैठियोंका खुलकर समर्थन कर रहे हैं, उन्हें देशकी सुरक्षा प्रिय नहीं, वे अपने स्वार्थसिद्धि हेतु उनका भारतमें शरण देने हेतु समर्थन कर रहे हैं; इसलिए उन्हें राष्ट्रद्रोही ही समझें और ऐसे लोगोंके अन्य कृत्योंपर भी ध्यान रखें; क्योंकि जो भारत माताके नहीं हो […]