प्रेरक प्रसंग

प्रेरक कथा – सच्चे मन, लगनसे ही लक्ष्यकी प्राप्ति !


एक बार सूर्यवंशी राजा दिलीपके पुत्र भगीरथ हिमालयपर तपस्या कर रहे थे । वे गंगाको धरतीपर लाना चाहते थे। उनके पूर्वज कपिल मुनिके शापसे भस्म हो गए थे । मां गंगा ही उनका उद्धार कर सकती थी । भगीरथ अन्न-जल त्यागकर तपस्या कर रहे थे । मां गंगा उनकी कठोर तपस्यासे प्रसन्न हो गई । […]

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प्रेरक कथा – जब तक दु:ख नहीं मिलते, प्रभुको स्मरण नहीं करते !


एक दिन किसी निर्माणके मध्य भवनके छठे तलसे निर्माण वरिष्ठ निरीक्षकने (सुपर वाईजरने) नीचे कार्य करने वाले श्रमिकको पुकारा ।
निर्माण कार्यकी तीव्र ध्वनिके कारण नीचे कार्य ……

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प्रेरक कथा – खरा भाव


गोन्दवलेकर महाराजने शान्ताश्रमस्वामीके हाथ-पैरोंपर चीथडे लपेटकर उन्हें महारोगी सदृश बना दिया तथा जहां सैकडों मनुष्य गङ्गास्नानहेतु उतरते हैं, वहां उन्हें बैठा दिया । महाराज स्वतः वैरागीका वेश धारणकर उनके समीप खडे हो गए । कुछ समयमें वहां अत्यधिक मनुष्य एकत्र हो गए ……

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प्रेरक कथा – सन्त सखू


कृष्णा नदीके तटपर करवीर नामक तीर्थक्षेत्र है । अनेक वर्षपूर्व वहां सखूका ससुराल था । उसके पतिका नाम दिगम्बर था । उसकी सास भी साथ ही रहती थी । सास स्वभावसे अत्यन्त कठोर थी । वह सखूको अत्यधिक पीडा देती थी । उसे भूखा रखती थी, पीटती भी थी …..

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प्रेरक प्रसंग – अर्जुन व कर्णपर विचारोंका सम्मोहन !


विचारोंको बार-बार दोहराने अर्थात विचारोंके सम्प्रेषणके बारेमें महाभारतमें अर्जुन व कर्णके साथ एक प्रसंग आता है कि कैसे एक विचारको बार-बार दोहराते रहनेसे वह विचार हमारे जीवनपर प्रभाव डालता है । इसी बातसे अनभिज्ञ कई लोग …..

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प्रेरक कथा – तीन गुरु : चोर, कुत्ता और छोटा बच्चा


बहुत समय पहलेकी बात है, किसी नगरमें एक बहुत प्रभावशाली सन्त रहते थे । उनके पास शिक्षा लेने हेतु दूर-दूरसे शिष्य आते थे । एक दिन एक शिष्यने सन्तसे प्रश्न किया, “स्वामीजी ! आपके गुरु कौन है ? आपने किस गुरुसे शिक्षा प्राप्त की है ?” सन्त, शिष्यका प्रश्न सुन …..

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प्रेरक प्रसंग – परोपकार


बहुत समय पहलेकी बात है एक विख्यात ऋषि गुरुकुलमें बालकोंको शिक्षा प्रदान किया करते थे । उनके गुरुकुलमें बडे-बडे राजा महाराजाओंके पुत्रोंसे लेकर साधारण परिवारके पुत्र भी पढा करते थे । वर्षोंसे शिक्षा प्राप्तकर रहे शिष्योंकी शिक्षा आज पूर्ण हो रही थी और ……

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प्रेरक कथा – नारदजीकी समस्या


एक बार देवर्षि नारद अपने पिता ब्रह्माजीके सामने “नारायण-नारायण” का जप करते हुए उपस्थित हुए और पूज्य पिताजीको दण्डवत प्रणाम किया ।  नारदजीको सामने देख ब्रह्माजीने पूछा, “नारद ! आज कैसे आना हुआ ? तुम्हारे मुखके भाव कुछ कह रहे हैं ! कोई विशेष …..

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प्रेरक कथा – दानका रहस्य


एक गांवमें एक वैश्य रहते थे । वह धर्माचरणी थे तथा सदैव यज्ञादि कर्मोंमें लगे रहते थे । उन्होंने अत्यधिक दान किया । अन्तत: उनका सम्पूर्ण धन समाप्त हो गया तथा उनके लिए भोजन व्यवस्था हेतु भी कुछ शेष न रहा तब सेठ व्यथित हो गए । सेठकी पत्नी धर्माचरणी, ……

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प्रेरक कथा – भगवान श्री गणेश तथा धनके देवता कुबेरकी कथा


हिन्दूधर्मके अनुसार कुबेर धन व वैभवके देवता हैं तथा ऐसी मान्यता है कि उनके कोषमें अत्यधिक धन-सम्पदा है । ऐसी श्रुति है कि आवश्यकतासे अधिक धन मनुष्यको अन्धा बना देता है । धनके देवता कुबेरके साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ । उन्हें प्रतीत होने ……

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