राष्ट्रीय समचार

महाराष्ट्रमें चिकित्सकोंपर आक्रमणके ४३६ प्रकरण ; उद्धव शासनकी चूकपर मुंबई उच्च न्यायालयने लगाई फटकार


२० मई, २०२१    मुंबई उच्च न्यायालयने बुधवार १९ मईको चिकित्सकोंकी सुरक्षाकी दृष्टिसे कोई कठोर निर्णय न लेनेपर महाराष्ट्र शासनको फटकार लगाई । न्यायालयने कहा कि महाराष्ट्र शासनको देखकर ऐसा प्रतीत नहीं होता है कि वह चिकित्सकोंपर होनेवाले आक्रमणको रोकनेके सम्बन्धमें गम्भीर हैं ।    पूर्व सुनवाईके मध्य न्यायालयने राज्य शासनको निर्देश दिए थे कि […]

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ईदपर कट्टरपन्थियोंने ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’का किया उद्घोष, बनाए गए बन्दी


२० मई, २०२१     उत्तर प्रदेशके कनौजमें ईदके अवसरपर ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’के उद्घोष करनेवाले कट्टरपन्थियोंको बन्दी बनाया गया है । जानकारीके अनुसार कनौजके जलालाबादमें इमाम चौकपर एकत्रित हुए कट्टरपन्थियोंने राष्ट्र विरोधी उद्घोष किए, जिसका ‘वीडियो’ बनाकर कुछ लोगोंने ‘सोशल मीडिया’पर प्रसारित कर दिया । सूचना मिलनेपर पुलिसने चार जिहादियोंको त्वरित बन्दी बना लिया, जिनमें कानपुर […]

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उत्तरप्रदेशमें लोगोंको ३ माह निशुल्क खाद्यान्न, ‘कोरोनाकाल’में अनाथ हुए बच्चोंका पूरा व्यय उठाएगा योगी शासन


२० मई, २०२१   उत्तर प्रदेशका योगी शासनने ’कोरोना’से उत्पन्न परिस्थितियोंके कारण निर्धनों और अभावग्रस्तोंको तत्काल सहायता पहुंचानेके लिए सभी ‘राशन कार्ड’ धारकोंको ३ माहकी अवधितक खाद्यान्न निशुल्क देनेका निर्णय लिया है । उत्तर प्रदेशमें २० मई, २०२१, गुरुवारको प्रधानमन्त्री ‘गरीब कल्‍याण अन्‍न योजना’के अनुसार ३.३० करोड ‘कार्ड’ धारकोंमें ३ माहका निशुल्क खाद्य पदार्थ वितरित […]

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तत्काल सामान्य विद्यालयोंमें परिवर्तित किए जाएं असमके सभी मदरसे : मुख्यमन्त्री हिमांता बिस्वा सरमा


२० मई, २०२१ सर्बानंद सोनोवालके नेतृत्ववाले विगत असम शासनके निर्णयको लागू करते हुए असमके मुख्यमन्त्री हिमांता बिस्वा सरमाने अधिकारियोंको भंग किए गए मदरसोंको त्वरित सामान्य स्कूलोंमें परिवर्तित करनेकी प्रक्रिया आरम्भ करनेका निर्देश दिया है । दिसंबर, २०२० में असम विधानसभाने असम निरस्तीकरण विधेयक २०२० पारित किया था, जो असम मदरसा शिक्षा अधिनियम १९९५ और असम […]

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जिस पीडिताके कारण मध्य प्रदेशमें बना ‘लव जिहाद’ विरोधी विधान उसकी सन्दिग्ध परिस्थितियोंमें हुई मृत्यु


२० मई, २०२१     मध्य प्रदेशमें ०४ मईको जिस महिलाके साथ हुए अपराधके कारण ‘लव जिहाद’के विरुद्ध विधानका प्रारूप बनानेका आरम्भ हुआ था, उसकी सन्दिग्ध स्थितिमें मृत्यु हो गई है । विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दलके कार्यकर्ताओंने स्थानीय थाने पहुंचकर विरोध प्रविष्ट कराया । हिन्दू संगठनोंको मृतकाके पिताने बताया कि उनकी बेटी २४-२५ […]

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मन्दिरको मिलने वाले दानसे चलनेवाला सहस्राब्दीसे भी प्राचीन चिकित्सालय : जहां थे चिकित्सक, शल्यचिकित्सक, परिचारिकाएं और भीतोंपर लिखी उपचार विधियां


२० मई, २०२१     सामाजिक प्रसार माध्यमोंपर कुछ हिन्दूद्वेषी लिख रहे हैं “हम चिकित्सालयके लिए लडे ही कब थे ? हम तो मन्दिरके लिए लडे थे ?” उन्हें उत्तर एक मन्दिर दे रहा है, जो ११०० वर्षोंसे पूर्वसे स्थापित है । मन्दिरद्वारा स्थापित इस चिकित्सालयमें १५ शैय्या, कई चिकित्सक तथा शल्यचिकित्सक हुआ करते थे […]

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कांग्रेस राजनेताने प्रसारित किया मुख्यमन्त्री योगी आदिनाथके विरुद्ध छद्म ‘वीडियो’ : अभियोग हुआ प्रविष्ट


२० मई, २०२१    उत्तर प्रदेशके मुख्यमन्त्री योगी आदिनाथके जनपद मेरठकी यात्रासे सम्बन्धित एक ‘वीडियोको ‘एडिट’कर अनुचित रूप देकर सामाजिक जालस्थलोंपर साझा किया जा रहा है । यह छ्द्म ‘पोस्ट’ कांग्रेस नेता ओमवीर सिंह यादवने साझा की, जिसके विरुद्ध अब अभियोग प्रविष्ट किया गया है । समाचारके अनुसार मुख्यमन्त्री आदित्यनाथ कोरोना संक्रमणकी चिकित्सकीय सेवाओंके विषयमें […]

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कांग्रेस ‘टूलकिट’का प्रकरण उच्चतम न्यायालय में : दोषी प्रमाणित होनेपर पार्टीकी मान्यता निरस्त करनेकी मांग


२० मई, २०२१ कांग्रेसके कथित टूलकिट प्रकरणके विरुद्ध देशके शीर्ष न्यायालयमें याचिका प्रविष्ट की गई है । प्रकरणको शासनके विरुद्ध नागरिकोंको भडकाने और विश्वमें भारतकी छवि धूमिलका षड्यन्त्र बताया गया है । याचिकाकर्ता अधिवक्ता शशांक शेखर झाने अन्तरराष्ट्रीय षड्यन्त्रका पता लगानेके लिए राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरणसे जांचकी मांग की है और दोषी होनेपर कांग्रेसकी मान्यता निरस्त […]

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तरबूजमें थूककर बेचनेवाले मुसलमानको पुलिसने बनाया बन्दी 


१९ मई, २०२१   मुजफ्फरनगरके एक फल विक्रेता मुसलमानको पुलिसने बन्दी बना लिया है । रामपुरका रहनेवाला मोहम्मद फरमान, तरबूज काटकर उसमें थूक देता था और उसे अपने ग्राहकोंको बेच दिया करता था । थूकते समय उसका ‘वीडियो’ ‘सीसीटीवीमें आ गया, जिसे देखकर, स्थानीय निवासी प्रदीप कुमारके कहनेपर, पुलिसने उसे ढूंढकर बन्दी बना लिया । […]

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घरसे भाग ‘लिव-इन’ सम्बन्धमें रहना अनैतिक और अस्वीकार्य : पंजाब-हरियाणा न्यायालय


१९ मई, २०२१   १२ मई २०२१ को एक भारतीय न्यायालयने ‘लिव-इन रिलेशनशिप’में रह रहे दो लोगोंको सुरक्षा देनेकी मांगको अस्वीकृत कर दिया । पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालयने अपने एक आदेशमें स्पष्ट कहा कि ‘लिव-इन’ सम्बन्ध नैतिक और सामाजिक रूपसे स्वीकार्य नहीं हैं ।   न्यायालयने कहा कि यदि इस प्रकारकी सुरक्षा दी जाती […]

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