२. मूंगफलीके कुछ विभिन्न नाम : मूंगफलीको अंग्रेजीमें ‘पीनट’ या ‘ग्राउण्डनट’ (peanut, groundnut) कहते हैं । इसका वानस्पतिक नाम : ‘Arachis hypogaea’ है । इसे तेलगु भाषामें ‘पल्लेलु’, तमिलमें ‘कडलई’, गुजरातीमें ‘सींगदाना’ और मराठीमें ‘शेंगदाणे’ कहा जाता है । ३. मूंगफलीका तेल : मूंगफलीसे तेल निकाला जाता है, जिसे भोजन पकानेके कार्यमें प्रयोग किया जाता […]
मूंगफली एक प्रमुख तिलहन उपज है । मूंगफली वानस्पतिक ‘प्रोटीन’का एक सुलभ स्रोत है । इसमें ‘प्रोटीन’की मात्रा मांसकी तुलनामें १.३ गुणा अधिक, अण्डोंसे २.५ गुणा अधिक एवं फलोंसे ८ गुणा अधिक होती है । मूंगफली वस्तुतः पोषक तत्त्वोंकी अप्रतीम कोष है । प्रकृतिने प्रचुर मात्रामें इसे विभिन्न पोषक तत्त्वोंसे पूर्ण किया है । १०० […]
आंखोंके लिए गुडके लाभ : यदि आपकी आंखोंमें निर्बलता है तो आपको प्रतिदिन गुडका सेवन करना चाहिए; क्योकि यह आंखोंकी निर्बलताके लिए औषधिके रूपमें कार्य करता है । गुडका सेवन आपकी आंखोंकी दृष्टिको तीव्रतासे बढाता है । गुड खानेके अन्य लाभ : जिन लडकियोंको मासिक धर्मका कष्ट होता है अर्थात मासिक धर्म नियमित रूपसे नहीं […]
गुडका उपयोग रक्तकी कमीमें : इसमें ‘आयरन’ (iron) और ‘फोलेट’ (folate) होता हैं, जो लाल रक्त कोशिकाओंका स्तर, सामान्य बनाए रखनेमें सहायता करते हैं और ‘एनीमिया’को रोकते हैं । इसका सेवन करना गर्भवती महिलाओंके लिए विशेष रूपसे लाभदायक रहता है । इसके अतिरिक्त, गुड शरीरको तुरन्त ऊर्जा प्रदान करनेमें भी सहायता करता है । यदि […]
गुडके उपयोग मस्तिष्कके लिए : गुडका हलवा खानेसे मस्तिष्क तीक्ष्ण होता है और शरीरसे विषैले पदार्थ बाहर निकल जाते हैं । गुडका हलवा, शीतकालमें शरीरके तापमानको नियन्त्रित रखता है । इसे खानेसे स्मरण शक्ति क्षीण नहीं होती है । इसलिए यदि आप अपनी स्मरण शक्तिको अच्छा रखना चाहते हैं तो इसका नियमित सेवन कीजिए । […]
हिचकीके लिए : गुड हिचकीके लिए एक अच्छा घरेलू उपाय है; किन्तु यह सूखे अदरकके चूर्णके (पाउडरके) साथ प्रयोग किया जाता है । ३ ग्राम गुड, ५०० मिलीग्राम सूखे अदरक पाउडरको लें ! अब गुडको पीसकर उसमें अदरक पाउडरके साथ मिश्रण करें ! अब ‘गर्म’ पानीके साथ इस मिश्रणको खाएं ! हिचकीसे मुक्ति मिल जाएगी […]
मूत्र सम्बन्धित समस्यामें : गन्ना एक प्राकृतिक मूत्रवर्धक है और गुड भी इसी प्रकार कार्य करता है । यह मूत्रको उत्तेजित करनेमें सहायता करता है और मूत्राशयकी सूजनको न्यून करनेमें भी सहायता करता है । इसके साथ-साथ गुड मूत्र करनेमें हो रही कठिनाईको न्यून करनेमें सहायता करता है; किन्तु यह ‘प्रोस्टेट’ ग्रन्थिकी अतिवृद्धिमें सहायता नहीं […]
गुड और चीनीमें अन्तर : इन दोनोंमें बहुत अन्तर है । चीनी बनानेके लिए गन्नेके रसमें २३ भिन्न प्रकारके विष (केमिकल) मिलाने पडते हैं और ये सब वो विष (जहर) हैं, जो शरीरके भीतर चले तो जाते हैं; किन्तु बाहर नहीं निकल पाते । केवल गुड ही एक अकेला ऐसा पदार्थ है, जो बिना किसी […]
प्राकृतिक मिष्टान्नके रूपमें जाना जानेवाला गुड, स्वादके साथ ही स्वास्थ्यका भी कोष है । यदि आप अबतक इसके स्वस्थ्यवर्धक गुणोंसे अपरिचित हैं, तो अब जान लीजिए, गुड खानेके लाभ : गुडमें भरपूर मात्रामें ‘कैल्शियम’ और ‘फास्फोरस’ पाया जाता है । यह दोनों तत्व अस्थियोंको (‘हड्डियों’को) बल देनेमें अत्यधिक सहयोगी हैं । गुड दो प्रकारका होता […]
बथुआ सागसे यकृतकी रक्षा करें : जब हम औषधि लेते हैं, तो कभी-कभी चिकित्सा, प्रभावके पश्चात भी वह अपना दुष्परिणाम (अवशेष) छोड देती है । अवशेष यकृतद्वारा अवशोषित किया जाता है और धीरे-धीरे शरीरमें फैलाया जाता है । एक अध्ययनसे पता चलता है कि बथुएकी पत्तियां, कुछ औषधियोंके अवशेषोंके लिए एक अच्छा प्रतिरक्षात्मक होती हैं […]