हिन्दू राष्ट्र

हिन्दू राष्ट्र आवश्यक क्यों ?


हिन्दू बहुल देशके विद्यालयोंमें हिन्दू धर्मका ज्ञान नहीं दिया जाता है, यदि ऐसा प्रयास कहींपर केन्द्रीय स्तरपर हो तो उसे साम्प्रदायिक कहकर न्यायालयतक इस घटनाको पहुंचा दिया जाता है । केन्द्रीय विद्यालयमें प्रार्थनाको लेकर चल रहा अभियोग, इस सम्बन्धमें एक उदाहरण मात्र है !; किन्तु कुकुरमुत्ते समान फैले हुए मदरसे एवं कान्वेंट विद्यालयोंमें इस्लाम और […]

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राजाओंके वलयका प्रभाव


सत्त्व, रज और तम प्रधान राजाओंके वलयका प्रभाव वैश्विक स्तरपर पडता ही है ! एक तामसिक राज्यकर्ता अपनी कुटिलतासे थोडी-बहुत प्रसिद्धि पा सकता है, उसे समाज कुछ कालतक उसके……

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आजका राजनीतिक पद चपरासीसे (भृत्यसे) भी निकृष्ट हो गया है !


इस देशमें एक ‘चपरासी’की चाकरी पाने हेतु भी कुछ योग्यताओंकी आवश्यकता होती है और उसकी परीक्षा होती है, तो इस देशपर राज्य करने वाले राजनेताओंके लिए कोई भी योग्यताका आधार क्यों नहीं निर्धारित किया गया है ? कोई भी एक दिवस अकस्मात राजनेता बनकर इस देशकी राजनीतिके दृश्य पटलपर आ जाता है । कभी कोई […]

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हिन्दू राष्ट्रकी स्थापना आवश्यक क्यों ?


यदि भारत स्वतन्त्रता पश्चात जैसे पाकिस्तान मुसलमानी जनसंख्याके आधारपर इस्लामिक राष्ट्र घोषित हुआ, वैसे ही हिन्दू बहुल भारत भी हिन्दू राष्ट्र घोषित होता तो आज मात्र सात दशक पश्चात गणतन्त्र दिवसपर भारतके अनेक राष्ट्रद्रोही धर्मांध हरा झंडा लहरानेका दुस्साहस नहीं करते ! इस स्थितिको परिवर्तित करने हेतु हिन्दू राष्ट्रकी स्थापना करना अति आवश्यक हो गया […]

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शासनकर्ता तुष्टिकरण नहीं वरन राष्ट्रकीओर ध्यान दें !


मेरे पिताजीने मुझमें आठवीं कक्षासे ही समाचार पत्र पढनेकी वृत्ति निर्माण की थी ! श्रीगुरुसे जुडनेपर मैंने डेढ वर्षतक इसे पढना छोड दिया था ! मुझे लगा था कि अब अध्याममें प्रगति करनी है तो मायासे सम्बन्धित इस समाचारोंको पढकर समय क्यों व्यर्थ करना ! किन्तु डेढ वर्ष पश्चात मेरे सर्वज्ञ श्रीगुरुने मुझसे कहा कि […]

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पुनः राष्ट्रनिर्माण सरल नहीं !


इस देशकी सुरक्षामें नियुक्त सुरक्षाकर्मी एवं गुप्तचर विभागने कुम्भमें रासायनिक आक्रमणकी तैयारी कर रहे धर्मांध आतंकवादियोंको बंदी बनाया है ! क्या अब भी कहेंगे कि आतंकवादियोंका कोई धर्म नहीं होता है ? जब भी इस देशमें कोई…..

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ईश्वरसे छल है, स्वयंके अधोपनका कारण !


सबरीमलाको छलसे अपवित्र करनेवाली महिलाको उसके घरवालोंने अपनानेसे अस्वीकार कर दिया है और अब उन्हें अपने मन्दिर रुपी घरको छोडकर किसी आश्रयस्थलमें (शेल्टर होममें) आश्रय लेने हेतु विवश होना पडा है ! भगवानके…..

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हिन्दू राष्ट्र आवश्यक क्यों ?


भारत जैसी पुण्य भूमिपर प्रतिदिन धर्मद्रोही, राष्ट्रद्रोही और समाजकंटकोंकी संख्यामें भारी वृद्धि हो रही है, इसे रोकनेमें निधर्मी लोकतन्त्र पूर्णत: असफल रहा है , ऐसे लोगोंपर नियन्त्रण करने हेतु हिन्दू राष्ट्रकी स्थपाना करना अब अपरिहार्य हो गया है !

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हिन्दू राष्ट्र आवश्यक क्यों ?


स्वतन्त्रता प्रश्चात प्रतिवर्ष लाखों हिन्दुओंका अहिंदू पंथोंमें धर्मांतरण हो रहा है, ऐसा तो मुगलों और अंग्रेजोंके शासनकालमें भी हुआ करता था ! इस स्थितिसे निपटनेमें निधर्मी लोकतन्त्र पूर्णत: असमर्थ है, यह स्पष्ट हो चुका है; अतः हिन्दू राष्ट्रकी स्थापना ही ऐसे सभी समस्याओंका एकमात्र समाधान है !

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हिन्दू राष्ट्र आवश्यक क्यों ?


आजका हिन्दू योग्य प्रकारसे साधना एवं धर्माचरण नहीं करता है, परिणामस्वरुप उसके जीवनमें कष्ट आनेपर वह सर्वप्रथम बुद्धिसे स्वयं उसके उपाय ढूंढता है, उसके पश्चात वह आधुनिक विज्ञानकी शरणमें जाता है और जब वह निराश हो जाता है तो धर्मकी शरणमें आता है, यदि वह पहले ही ऐसा करें तो उसे इतनी ठोकरें न खानी […]

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