धार्मिक कृतियां

‘विप्र धेनु सुर संत हित लीन्ह मनुज अवतार।


भगवान भी जब अवतार लेते हैं तो कहते हैं- ‘विप्र धेनु सुर संत हित लीन्ह मनुज अवतार।’ अर्थात भगवान जब अवतार लेते हैं तो उसका मूल कारण होता है , देवता  , गौ , संत , विप्र अर्थात साधक प्रवृत्ति वाला ब्रह्मज्ञानको पाने हेतु मग्न व्यक्तिके रक्षण करना !-तनुजा ठाकुर  

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हिन्दुओं ! शिक्षक दिवस गुरु पूर्णिमा अर्थात आषाढ शुद्ध पूर्णिमाके दिवस मनाएं!!


हिन्दुओं ! शिक्षक दिवस गुरु पूर्णिमा अर्थात आषाढ़ शुद्ध पूर्णिमा के दिवस मनाएं ! क्या हिंदुत्त्ववादी कही जानेवाली मोदी सरकार अध्यात्मिक रूपसे सिद्ध दिवसको गुरु उत्सव मनाने की परम्परा आरम्भ करेंगे ! आज के शिक्षकोकी शिक्षाने भोगवादी स्वार्थी पीढी को जन्म दिया , गुरु ही विद्या दान देकर मानव जीवनको सार्थक करते हैं ! आज […]

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धर्मधारा


ध्यान रहे, लक्ष्मी किसीके भी घर मात्र ४० वर्ष रहती हैं और तत्पश्चात ८० वर्षके लिए  वह वहांसे चली जाती हैं, और पुनः ८० वर्ष पश्चात आती हैं | यदि कोई इस चक्रसे बचना चाहता है, तो अपने धनको शुद्ध रखें | इस संदर्भमें स्कन्दपुराणमें एक श्लोक अत्यंत प्रेरणास्पद है | न्या्योपार्जित वित्तस्यै दशमांशेन धीमत: […]

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विद्यार्जन एक यज्ञ कर्म है यह ध्यान रहे


शौचालयमें बैठकर पत्रिका पढनेवाले यह नहीं जानते कि वे ऐसे अनुचित कृत्य कर अपना बहुमूल्य समय नहीं बचा रहे हैं अपितु मां सरस्वतीकी अवकृपा अर्जित कर रहे हैं | धर्मप्रसारकी सेवाके मध्यमें अनेक संभ्रांत परिवारके घर रहना हुआ | उनके घर जानेपर वहां एक पैशाचिक प्रचलन देखनेको मिला | शौचालयमें वे पत्रिका और पुस्तक रखते […]

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जागरणका अर्थ समझकर उसके यथार्थ स्वरुपमें मनानेका प्रयास करे !


उत्तर भारतीयोंके मंदिरोंमें चाहे वे भारतमें हो ये विदेशोंमें, उनके यहां माताके जागरणमें उपस्थित रहनेका अवसर मिला | इस मध्य मैंने जो अनुभव किया उसे आपके समक्ष प्रस्तुत करनेकी धृष्टता इस दृष्टिसे कर रही हूं कि जिससे इसे पढनेवालोंका विवेक जागृत हों और वे  प्रथमत:, माताके जागरणमें भक्ति गीतोंकी ध्वनि इतनी कर्णकर्कश होती है कि […]

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हिन्दी अंक सारणी


मेरे लेखोंमें हिन्दीमें अंक लिखनेपर कुछ पाठकोने मुझे बताया है कि आप आंग्ल भाषामें अंकोंको लिखा करें क्योंकि हमें हिन्दी अंक समझमें नहीं आते हैं परंतु यह तो इस समस्याका समाधान नहीं है तो आइये हम हिन्दी अंकके यह सारिणी देते हैं इसे आप नियमित देखा करें तो आपको हिन्दी अंक समझमें आने लगेंगे | […]

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हनुमानजीमें ७०% प्रकट शक्ति है,


हनुमानजीमें ७०% प्रकट शक्ति है, इसलिए असुरोंकी नगरी लंकामें एक भी असुर उनका कुछ भी नहीं बिगाड सका, अपितु उन्होंने ही स्वर्णकी मायावी लंका नगरीको ही उद्ध्वस्त कर दिया ! परंतु धर्माभिमानके अभावमें आज अधिकांश हिन्दू मज़ारपर जाते हैं !! मज़ारकी अपेक्षा कई गुणा अधिक शक्ति हनुमानजीके मंदिरमें है | अनिष्ट शक्तिसे पीडित हिन्दू मज़ारपर जाकर […]

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देवालयका अर्थ


देवालय (मंदिर) अर्थात देवोंका आलय (आश्रय स्थान या घर) । देवालयोंके निर्माणका मुख्य कारण था कि मनुष्यों को एक ऐसा स्थल मिले जहां किसी भी समय जानेपर उन्हें सात्त्विकता और चैतन्य प्राप्त हो एवं उनके माध्यमसे समाजको धर्मशिक्षण भी मिलता रहे । यथार्थमें देवालय आध्यात्मिक प्रगतिका एक चैतन्यमय माध्यम है । देवालयोंको हम जितना अधिक […]

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हिन्दू धर्म मात्र एक ऐसा धर्म है जो सत्त्व, रज और तम के सिद्धान्त को मानता है |


विदेश में रह रहे कुछ हिंदुओं ने विदेश में रहने के लाभ बताए | उसमें से एक लाभ आपके समक्ष रखती हूँ उन्होने कहा यहाँ पर फल अत्यधिक ताजे मिलते हैं ! मैं भी पास ही के एक mall में उसी दिन गयी थी वहाँ के फल देखें, बाहर से सब देखने में अत्यधिक आकर्षक […]

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पाश्चात्य संस्कृति की प्रत्येक देन तमोगुणी क्यों है ?


पाश्चात्य संस्कृति की प्रत्येक देन तमोगुणी क्यों है वह अब पाश्चात्य देशों के वैज्ञानिक स्वयं बताने लगे हैं ! हमारे मनीषियों ने कुछ सोच समझकर ही नौ मीटर की साड़ी और छ: मीटर की धोती पहनने के लिए बताए थे | वस्त्र में सिलाई के टांके जितने कम लगते हैं वह वस्त्र उतना ही सात्त्विक होता है, […]

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