शंका समाधान

शंका समाधान – क्या हम अपने पूजा घरमें दत्तात्रेय देवताका चित्र रख सकते हैं ?

क्या हम अपने पूजा घरमें दत्तात्रेय देवताका चित्र रख सकते हैं ? - नीरज मिश्र


जी दत्तात्रेय देवताका चित्र आप अपने पूजा घरमें रख सकते हैं । आज यद्यपि सभीके घरोंमें अतृप्त पूर्वजोंके कारण कष्ट है; इसलिए इस चित्रको पूजा घरमें रखकर उनकी पूजा करनेसे उनकी कृपा हमें मिलती है और साथ ही जैसा कि आपको बताया था कि वर्तमान कालमें सभीने एकसे दो घण्टे ‘श्रीगुरुदेव दत्त’का जप करना ही […]

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शंका समाधान – क्या सन्त या साधक अनिष्ट शक्तियोंद्वार आवेशित हो सकते हैं ?

क्या असुर, सन्तोंको या अच्छे आध्यात्मिक स्तरके साधकोंको भी आवेषित कर सकते हैं अर्थात उन्हें अपने नियन्त्रणमें ले सकते हैं ? क्या ऐसा होनेपर वे मद्यपान (शराब पीना) परस्त्री गमन, धनके प्रति आकर्षण या अपने पुत्र जो अधिकारी न हो, उन्हें अपना उत्तराधिकारी बना सकते हैं ? मैं विदेशमें रहती हूं एवं यहां कुछ गुरुओंके आश्रममें ऐसा हो रहा है, यह देखकर मेरे मनमें ऐसे प्रश्न आपके लेखोंको पढनेके पश्चात आपसे पूछनेकी इच्छा हुई ! - एक साधक, मॉरीशस


हमारे श्रीगुरुने एक बार बताया था कि अध्यात्ममें कोई कभी भी गिर सकता है अर्थात वह यदि ९०% पर आध्यात्मिक स्तरपर पहुंच जाए तो भी अपने दोषों एवं अहंके कारण गिर सकता है ……

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शंका समाधान – रजोधर्मके समय स्त्रीकी दिनचर्या कैसी होना चाहिए ? (भाग-१)


यू ट्यूबमें वैदिक उपासना पीठके चैनलपर  (www.youtube.com/channel/UCJo24kpOckCT51P_2wEjE8Q) दर्शकने प्रश्न पूछा है जो इस प्रकार है – रजोधर्मके समय लडकियोंकी दिनचर्या कैसी होनी चाहिए ? वे क्या नामजप व ध्यान कर सकती हैं ? – साधना कुमारी आपका प्रश्न बहुत अच्छा है, इसका ज्ञान आजकी युवतियोंको नहीं है; क्योंकि पुत्रियोंको धर्मकी शिक्षा देनेवाली आजकी माताओंको भी […]

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विशुद्ध वैदिक ज्ञान प्राप्त करनेकी प्रक्रियामें देव और असुर दोनोंकी जानकारी स्वतः ही प्राप्त हो जाती है !

एक व्यक्तिने पूछा है कि आप अपने लेखोंमें अनिष्ट शक्तियोंके विषयमें लिखती रहती हैं, क्या आप तान्त्रिक हैं ? 


यदि आप योग्य प्रकारसे साधना करते हैं, तो इष्ट और अनिष्टकी जानकारी साथ-साथ होती है, गुरु या ईश्वर उसकी जानकारी आपको साथ-साथ ही देते हैं । धर्मशिक्षण अन्तर्गत यदि मैं इष्ट ……

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शंका समाधान – दोषोंकी तीव्रता न्यून नहीं हो रही हो तो क्या करना चाहिए ?

मैं पिछले एक माहसे एक दोषको न्यून हेतु स्वयंसूचना दे रहा हूं; किन्तु उसकी तीव्रता न्यून नहीं हो रही है ऐसेमें मुझे क्या करना चाहिए एवं मेरे दोष न्यून क्यों नहीं हो रहे हैं ? - यशपाल शर्मा, देहली


स्वयंसूचना देनेकी पद्धति भी योग्य होनी चाहिए अर्थात स्वयंसूचना देते समय मनका शान्त व स्थिर होना आवश्यक होता है । इस हेतु एक शान्त स्थानमें सुखासनमें बैठकर कुछ क्षण नामजप करके मनको एकाग्र करना चाहिए, उसके पश्चात एक स्वयंसूचनाको …..

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शंका समाधान – बच्चोंने श्री गुरुदेव दत्तका जप करते समय ॐ लगाना चाहिए या नहीं ?

हम आपके संस्थाद्वारा प्रसारित श्रव्य बालसंस्कारवर्गके नियमित श्रोता है ! यह हमारे बच्चोंके अतिरिक्त हमें भी बहुत अच्छा एवं ज्ञानवर्धक लगता है ! मैं यह पूछना चाहती हूं कि जैसा कि बालसंस्कारके वर्गमें बताया गया है कि बच्चोंने भी नियमित १५ मिनिटका दत्तात्रेय देवताका जप करना चाहिए तो मैं यह जानना चाहती हूं कि बच्चोंने श्री गुरुदेव दत्तका जप करते समय ॐ लगाना चाहिए या नहीं ? – एक शुभचिंतक श्रोता


बच्चोंने दो स्थितिमें श्री गुरुदेव दत्तके जपमें ॐ लगा सकते हैं ! एक यदि उन्हें अनिष्ट शक्तियोंका तीव्र कष्ट हो तो वे ‘श्री गुरुदेव दत्त’के जपमें ॐ लगाकर जाप कर सकते हैं | बच्चोंको तीव्र कष्टके कुछ उदाहरण इसप्रकार हैं …..

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शंका समाधान – क्या मैं वाहन चलाते समय ‘श्रीगुरु देव दत्त’का जप कर सकता हूं ?

क्या मैं वाहन चलाते समय 'श्रीगुरु देव दत्त'का जप कर सकता हूं ? - तेजस प्रजापति, वडोदरा, गुजरात


   आप निश्चित ही ‘श्रीगुरुदेव दत्त’का जप वाहन चलाते समय कर सकते हैं । वाहन चलाते समय ही क्यों ?, आप कभी भी यह नामजप कर सकते हैं, जैसे दन्तधावन या भ्रमण करते समय, भोजन बनाते या खाते समय, स्नान करते समय या अन्य कोई भी शारीरिक श्रमवाले कार्य करते समय आप यह नामजप कर […]

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शंका समाधान – बहुत अधिक संख्यामें लाल चिंटीयोंका निवास होनेपर क्या करें ?

मेरे वडोदरा निवासके परिसरमें वर्षोंसे बहुत अधिक संख्यामें लाल चिंटीयोंका निवास है । उन्हें मारना नहीं है। कई प्राकृतिक उपाय किए जैसे कि आटा, आटा-नमक, हल्दी ! उसी परिसारमें देशी गीर गौमाताएं (मां-बेटी) भी रहीं । उनका भरपूर मुत्र भी भूमिमें गया है और उनका गोमय भी मिट्टीमें मिला है । साथ ही घरमें चिडचिडापन, सिरकी वेदना, दुर्बलता, उर्जाकी न्यूनता रहती है । कृपया कोई उपाय बताएं कि ये चींटियां सस्नेह यहांसे चली जाएं । - रोहित पारेख, वडोदरा


रोहितजी मैं यही तो सभी गोभाक्तोंसे कहती हूं कि प्रत्येक समस्याका समाधान गौमातासे नहीं हो सकता है ! उनकी भी अपनी मर्यादा है ! यदि सब कुछ उनसे साध्य हो जाता तो ईश्वर इस ब्रह्माण्डमें देवी-देवताओंका निर्माण ही नहीं करते | मैं जानती हूं कि आप हिंदुत्वनिष्ठ है और गौ भक्त भी ! तो सर्वप्रथम […]

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शंका समाधान – जपको सांसके साथ जोडकर कर सकते हैं क्या ?

मेरी एक शंकाका कृपया समाधान करें | जब भी मैं सांसके साथ जोडकर जप करता हूं तो मेरा ध्यान जपसे हटकर सांसपर चला जाता है और उसका पश्चात जप नहीं हो पाता है एवं सांसपर मन केन्द्रित हो जाता है, ऐसी स्थितिमें क्या मैं जपको सांसके साथ जोडकर न करूं क्या ?


सर्वप्रथम यह जान लें कि कोई भी साधना मार्गका अवलंबन साधक अपने मनको एकाग्र करने हेतु करते हैं ! और मनका एकाग्र होना अर्थात मनका निर्विचार होना ही है वह जितनी अधिक समय उस स्थितिमें रहता है वह साधनाकी दृष्टिसे उतना ही उत्तम होता है | सांसके साथ नामजप जोडकर करनेका उद्देश्य यही होता है […]

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आराध्यदेव किस देवताको मानें ?

अपनी उपास्य देवता हम निर्धारित करते हैं या गुरु निर्धारीत करते हैं, कृपया बतानेकी कृपा करें और सारे देवताओंमें किसे आराध्यदेव मानें ? – दीपाली गोंडाजे, सांगली, महाराष्ट्र


अध्यात्ममें मनानुसार साधनाको अंश मात्र भी महत्व नहीं है ! ईश्वर हमें उसी कुलमें जन्म देते हैं जिस कुलमें जन्म लेकर उस कुलकी कुलदेवताकी उपासना करके सर्वाधिक प्रगति कर सकते हैं ! हम सबके सूक्ष्म पिण्डमें जिस घटककी न्यूनता होती है, उसीकी साधना करनेसे हमारी शीघ्र आध्यात्मिक प्रगति होती है इसलिए हमें उसी कुलमें जन्म […]

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