भ्रष्ट राजनेताओंके कारण अपराधियोंको जीवित रहते दंड ना मिले, तो भी ईश्वरसे न्याय अवश्य मिलेगा। न्यायलयमें आजतक अनेक कोटि मामले न्याय हेतु पडे हुए हैं । कुछ की सुनवाई तो १५, २० वर्षोंमें भी पूर्ण नहीं हुई है । भ्रष्ट राजनेताओंके कारण अपराधियोंको जीवित रहते दंड भले ही ना मिले, परंतु विश्वास रखें ईश्वरके कर्मफल […]
हिन्दुओं ! आगे आनेवाली अराजकताको मुंह तोड उत्तर देनेके लिये अभीसे सिद्ध हों ! चुनावके पश्चात् किसी भी पक्षका (दलका) गठजोड सत्तामें आया तो भी वह अधिकसे अधिक ४ वर्षों तक सत्तामें होगा, तत्पश्चात् पुनः अराजकता आरम्भ होगी | कोई भी राजकीय पक्ष उसे रोक नहीं पाएगा । इस हेतु हिन्दुत्त्ववादी संगठन अभीसे सक्षम और बलसम्पन्न […]
पति-पत्नी चाहे एक-दूसरेसे दूर हों या निकट एक-दूसरेको दुःख अथवा आनंद देना ! १. पत्नी निकट हो या दूर उसके कारण रक्तदाबका विकार हुआ ऐसा कहनेवाला पति ! एक बार एक पतिको रक्तदाबका (ब्लड प्रेशरका) विकार हुआ । तब वह पत्नीसे बोला, “तुम कलह करती हो; इसलिए मुझे रक्तदाबका विकार हुआ है । कार्यालयीन कार्यसे […]
एकसाथ दृष्टि उतारनेका दुष्परिणाम एकसाथ दृष्टि उतारनेपर कभी एकसे निकली अनिष्ट शक्ति वहीं उपस्थित दूसरे व्यक्तिमें प्रवेश कर सकती है। (४.१०.२०१४) -परात्पर गुरु डॉ . जयंत आठवले
चुनावके समय राजनीतिक पक्षोंके आश्वासनोंपर अवलम्बित मत रहो ! स्वतंत्रतासे आजतक राष्ट्र तथा धर्मके लिए कुछ भी न करनेवाले सभी राजनीतिक पक्ष आगे कुछ करेंगे, इस आश्वासनपर विश्वास करनेवाली तथा यह आश्वासन एक प्रकारकी लालच, ‘रिश्वत’ है, यह न समझनेवाली जनताके भविष्यमें कौटुम्बिक, आर्थिक, सामाजिक, राष्ट्रीय एवं धार्मिक इत्यादि सभी प्रकारकी अपरिमित हानि ही लिखी […]
हिन्दुओं अपने पुत्रोंको शिक्षण हेतु अथवा नौकरी हेतु विदेशोंमें भेज उनकी तथा स्वयंकी जन्मजन्मांतरकी हानि न करें ! १. पुत्रोंकी हानि : कुछ पालक अपने पुत्रोंको शिक्षण हेतु विदेश भेजते हैं और बडे अभिमानसे कहते हैं, हमारा बेटा अमेरिकामें है, उनकी समझमें यह नहीं आता कि पुत्रको विदेश भेजकर वे उसके अनेक जन्मोंकी हानि कर […]
धर्मशिक्षणका अभाव एवं आरक्षणके कारण हिन्दू नामशेष होनेके मार्गपर ! सङ्घे शक्तिः कलौ युगे । अर्थात् संगठित होना ही कलियुगकी शक्ति है, हिन्दू असंगठित हैं, इसलिए उनमें बल नहीं है; इसलिए अल्पसंख्यक प्रतिदिन उनपर अत्याचार करते हैं । हिन्दुओंके असंगठित होनेके निम्न कारण हैं । १. धर्मशिक्षणका अभाव : हिन्दुओंको धर्मशिक्षण नहीं है इस कारण […]
नामजपमें वैखरी वाणीका लाभ सामान्य रूपसे हम जो नित्य बोलते हैं, उस वाणीको वैखरी वाणी कहते हैं । साधनामें नामजप करते हुए वैखरीसे मध्यमा, पश्यंती एवं परा वाणीमें जप करते हुए आगे जाना होता है । यह साध्य करना आरम्भमें कठिन होता है; अतः वैखरी वाणीमें जप करनेसे जप सुनाई देता है; इसलिए जपपर मन […]
१. धर्मपरिवर्तन करनेवाले हिन्दुओं इससे होनेवाली हानि समझ लो ! अ. धर्मपरिवर्तन करना यह स्वेच्छा है । स्वेच्छा हमें ईश्वरसे दूर ले जाती है । आ. मानसिकदृष्टया किसीकी समझानेपर या आर्थिक अथवा अन्य लाभ हेतु लाखों हिन्दू धर्म परिवर्तन करते हैं । उन्हें यह ज्ञात नहीं होता कि सर्व धर्मोंमें केवल हिन्दू धर्म ही आध्यात्मिक […]
आजके राजनेताओंके कारण हिन्दू राष्ट्रकी स्थापना अपरिहार्य है ! राष्ट्र एवं धर्म नष्ट होनेकी स्थिति है, तब भी राजनेता, लोकप्रतिनिधि तथा राज्यकर्ता, पर्यटन, पब (आधुनिक मद्यशाला एवं नृत्यशाला) बिकिनी इत्यादी विषयोंपर वार्तालाप तथा विवाद करते हैं । मृतवत् जनता केवल सुनती है । इसमें परिवर्तन लाकर देशका पूर्ववत् वैभव प्राप्त करने हेतु हिन्दू राष्ट्रकी स्थापना […]