नींबू ‘विटामिन-सी’का प्रमुख स्रोत है । इसकी सबसे बडी विशेषता यह है कि यह अम्लीय होनेपर भी पित्तनाशक है । इसकी एक विलक्षण विशेषता यह है कि अन्य फल जहां पकनेपर मीठे हो जाते हैं, वहां …..
प्राचीनकालसे ही हमारे रसोईघरमें लोहेकी कढाईका उपयोग किया जाता रहा है | वर्तमान कालमें प्रचलित नॉन स्टिककी कढाईमें बनाए गए भोज्य पदार्थ जहां विषाक्त होकर अनेक रोगोंको जन्म देती हैं, वहीं लोहेके पात्रमें बनी तरकारी(सब्जी) पोषक तत्त्वसे…..
आजकल अधिकांश स्त्रियां मात्र पेट भरने हेतु भोजन बनाती हैं ! वस्तुत: पाक कला यह अन्य कलाओं समान एक प्रगत कला है जिसका धर्मग्लानि होनेके कारण ह्रास हो गया है ! आजकलके स्त्रियोंको भोजन पकाते देखकर मुझे ऐसा लगता है……
बच्चोंके लिए घातक है ‘मोबाइल फोन’, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने जारी की चेतावनी आजके समयमें आधुनिक उपकरण हमारे जीवनका महत्त्वपूर्ण भाग बन चुके हैं । इनका उपयोग कैसे करना है ? यह विचारे बिना अधिकांश लोग इनका उपयोग करते हैं । बच्चोंको व्यस्त रखनेके लिए माता-पिता, अभिभावक अथवा पालक प्रायः उनके हाथमें ‘फोन’ थमा […]
आजकल अनेक युवाओंको कफका कष्ट रहता है । इसके पीछे अनुचित आहार एवं जीवन शैली भी है । विशेषकर मेरी प्रकृति बाल्यकालसे कफ प्रधान थी जो पुनः अनिष्ट शक्तियोंके कारण ही था । ( अब तो अनिष्ट शक्तियोंके कष्टके कारण तीनों ही असंतुलित रहते हैं ।) किन्तु जबतक अनिष्ट शक्तियोंका कष्ट इतना तीव्र नहीं था […]
यह एक औषधीय गुणोंवाली जडी बूटी है जो सामान्य घरेलू पौधोंकी भांति घरोंमें उगाई जाती है । अपारिजिता पौधेको बहुत ही कम देखभालकी आवश्यकता होती है । अपारिजिताके संपूर्ण पौधेके संपूर्ण भाग औषधीय उपयोगके लिए हैं । विशेष रूपसे इस ……
आजकल जब एलोपेथी चिकित्साके महाविद्यालयमें कुछ विद्यार्थियोंको स्नातकमें प्रवेश नहीं मिलता है तो वे आयुर्वेद चिकित्सा पद्धतिसे स्नातककी उपाधि ले लेते हैं जिसमें प्रतिस्पर्धा एलोपेथीकी तुलनामें अल्प प्रमाणमें होता है एवं आयुर्वेदसे स्नातक लेनेके पश्चात वे एलोपेथी चिकित्सासे रोगियोंका उपचार करते हैं ! ऐसे सभी वैद्योंको वस्तुत: आयुर्वेदका महत्त्व ही ठीकसे नहीं पढाया जाता है; […]
पाठयक्रमोंमें योगासन, पप्राणायाम, भोजन कैसे करें, जल कितना और कब पीएं, घरमें उपलब्द्ध सामग्रियोंका रोग-निवारण हेतु कैसे उपयोग कर सकते हैं, जैसे सामान्य एवं सरल बातोंको….
दूधके साथ दही , मूली , मूलीके पत्ते , खट्टे पदार्थ, नमक , कच्चे सलाद , इमली, खरबूजा, बेलफल,…….. खट्टे फल का सेवन स्वास्थ्यके लिए हानिकारक होता है…..
आजकल अनेक लोग जब भिन्न प्रकारके व्यंजन बनाते हैं तो उसे बनाते समय कुछ बडी चूकें करते हैं जैसे मैंने देखा है कि कुछ लोग तरकारी या पनीरके भिन्न प्रकारके व्यंजन बनाते समय उसमें दूध डालते हैं, दूध और नमक यह आयुर्वेद अनुसार विरुद्ध …..