केरलमें साम्यवादियोंने ‘राम और रामायण’का आश्रय लेकर यह तो सिद्ध कर दिया कि रामके बिना वे किसी कामके नहीं रहनेवाले हैं ! जिस रामको वे काल्पनिक पत्र कहते थे, अब वे उसीकी शरणमें आए है ! आजके राजनेता यह सिद्ध कर रहे हैं कि सत्ता प्राप्त करने हेतु नास्तिकसे आस्तिक, हिन्दूसे मुसलमान या ईसाई कुछ […]
हिन्दू धर्मके खरे बैरी ‘हिन्दू’ ही हैं । एक सहस्र वर्षोंसे हिन्दू धर्मके पतन हेतु हिन्दू कैसे उत्तरदायी रहे हैं, यह आजके हिन्दू धर्मद्रोहियोंको देखकर समझमें आता है !
जैसे-जैसे आपातकाल निकट आ रहा है, प्रकृतिका भी कोप सर्वत्र स्पष्ट देखा जा सकता है । इस बारकी वर्षा, सर्वत्र अपने कुपित स्वरुपसे भयभीत कर रही है । जिस समाजमें देवी-देवताओंकी व सन्तोंकी विडम्बना हो, नित्य स्त्रियोंके शीलका हरण हो, तमोगुणका साम्राज्य बढता जाए एवं स्वर्थान्धोंका राज हो, वहां प्रकृतिका कुपित होना स्वाभाविक है ।
प्रकृतिका भी खेल निराला है । मुम्बईमें गत दिवसों आए ज्वारभाटामें समुद्रने ‘मरीन ड्राइव’में ९ टन कचरेको तटपर लाकर फेंक दिया ! हम प्रकृतिके साथ खिलवाड करते हैं, उसे अपवित्र और अस्वच्छ करते है तो प्रकृति भी समय-समयपर अपना शक्ति प्रदर्शन इसप्रकारसे करती है ।
शशि थरूरने अपना हिन्दूद्रोही वृत्तिको प्रदर्शित करते हुए विष वमन किया है और कहा है कि यदि २०१९ में भाजपा लोकसभा चुनाव विजयी होती है तो देश ‘हिन्दू पाकिस्तान’ बन जाएगा ! सर्वप्रथम तो जब देशका विभाजन १९४७ में धर्मके आधारपर हुआ था तो यदि इस्लामिक पाकिस्तान बना तो भारतको हिन्दू राष्ट्र क्यों नहीं घोषित […]
ईश्वरकी कृपा और आपके सबके सहयोगके कारण एक ही दिनमें ‘फेसबुक’को हमारे पेजको पुनः प्रकाशित करना पडा, इस हेतु आप सबको मन:पूर्वक कृतज्ञता व्यक्त करते हैं, यह संगठनकी शक्ति होती है ! आपमेंसे जिन लोगोंने इस पेजको अभी तक नहीं देखा वे एक बार इस लिंकपर जाकर अवश्य देखें और सोचें कि क्या ऐसा इस […]
जिसका भय था वही हो रहा है, राष्ट्रद्रोही मुसलमान अब अपने लिए एक भिन्न देशकी मांग कर रहे हैं ! क्या हम हिन्दू इतने मूर्ख है कि एक और पाकिस्तान बनने देंगे ? जिन्हें इस देशका संविधान स्वीकार्य नहीं, वे वहां जा सकते हैं, जहां शरियतका विधान चलता है ! यह मुगलोंका मध्य भारत नहीं, […]
आजकल प्रसार वाहिनियोंमें ‘लाइव चर्चा’ सत्र होते हैं, इसका एक लाभ यह है कि मुसलमानों, ईसाइयों, राष्ट्रद्रोहियों और देशद्रोहियोंके, उसके सहयोगी दलके, सबके कुत्सित विचार, समाजके समक्ष स्वयं ही प्रकट होने लगे हैं, सबका मुखौटा उतरने लगा है ! ऐसे सभी चर्चा सत्र करनेवाले निश्चित ही किसी ईश्वरीय नियोजन अनुसार सब कर रहे हैं, ऐसा […]
इस बारकी धर्मक्रान्तिमें (२०१८-२०२२) सामाजिक प्रसार माध्यमोंका (सोशल मीडियाका) सर्वाधिक योगदान रहेगा और सबसे विचित्र बात यह होगी कि इस धर्मक्रान्तिके पश्चात इस उपक्रमका अस्तित्त्व तीसरे विश्व युद्धके कारण नष्ट हो जाएगा ! जी हां, २०२४ से सर्व सामान्य व्यक्तिके लिए न कोई अंतर्जाल होगा, न ‘फेसबुक’, न ‘whatsapp’, न ‘ट्विटर’ । तीसरे विश्व युद्धके […]
इतनी सारी निर्दोष बालिकाएं नरपिशाचोंके हाथों बलि चढ रही हैं; तब भी इस देशके राज्यकर्ता अश्लील जालस्थल, चित्रपट और धारावाहिकपर प्रतिबन्ध नहीं लगाते हैं, इससे ही इस देशके शासनकर्ताओंकी स्त्रियोंके प्रति संवेदनशून्यता ज्ञात होती है । बलात्कार करनेवाले नरपिशाचोंका लिंग उच्छेद कर, उन्हें तडप-तडप कर मरने करनेके लिए सार्वजनिक स्थानपर छोड देना चाहिए और मरनेके […]