अध्यात्म

यदि हम श्रम नहीं करेंगे तो क्या हमारे भाग्यसे धन आ जायेगा ?


एक व्यक्तिने कहा कि यदि हम श्रम नहीं करेंगे तो क्या हमारे भाग्यसे धन आ जायेगा ? उत्तर बडा सरल है भाग्यमें धन हो तो श्रमकी दिशा और दशा भी योग्य होती है अन्यथा सभी श्रम करनेवाले धनवान होते ! 

आगे पढें

सन्तोंके दिए हुए नामजप और उपाय करनेमें श्रद्धा और भावका महत्त्व !


कुछ लोगोंको सन्तोंके दिए हुए नामजप और उपायपर विश्वास नहीं होता है इसलिए उन्हें उनकेद्वारा दिए हुए जप एवं उपायसे अपेक्षित लाभ नहीं होता है ! ध्यान रहे अध्यात्ममें श्रद्धा और भावका ही सर्वाधिक महत्त्व होता है !

आगे पढें

अपने सिरहाने भ्रमणभाष (मोबाइल) लेकर नहीं सोना चाहिए !


जितने भी इलेक्ट्रोनिक उपकरण हैं उनसे हमारे तमोगुणी लहरियोंका प्रक्षेपण होता है | रात्रिमें तो वैसे ही तमोगुणका….

आगे पढें

विवेकसे ही उचित अनुचितका बोध!


बुद्धिका रूपांतरण विवेकमें होनेसे धर्म, अधर्म, पाप, पुण्य, उचित अनुचितका बोध होता है | आज अधिकांश लोगोंमें विवेकके जागृत न होनेसे वे व्यावहारिक दृष्टिसे बुद्धिमान होते हुए भी योग्य निर्णय लेनेमें असमर्थ होते हैं और अनुचित निर्णय लेनेसे उनका आध्यात्मिक पतन होता है या पापकर्म निर्माण होता है ! ध्यान रहे भारतमें ९५ % भ्रष्टाचार […]

आगे पढें

खरा साधकत्व जीवनमें विषम स्थिति आनेपर ही ज्ञात होता है!


अध्यात्मके सिद्धान्तोंको अपने जीवनमें उतारनेपर, वृद्धावस्था, अपने निकटके परिजनकी अकाल मृत्यु एवं महामारीमें भी मन स्थिर और शांत रहता है, यही अध्यात्म व साधनाका महत्त्व है । अपने मनके अनुसार  साधना करनेसे हम स्वयंको साधक या भक्त समझ सकते हैं; किन्तु खरा साधकत्व जब जीवनमें विषम स्थिति आती है तो ही ज्ञात होता है और […]

आगे पढें

आई.वी.एफसे उत्पन्न सन्तानका आध्यात्मिक स्तर कैसा होता है ?

आई.वी.एफसे उत्पन्न सन्तानका आध्यात्मिक स्तर कैसा होता है ? आईवीएफसे सन्तान प्राप्त करनी चाहिए ? – श्री कमलकिशोर शर्मा, बीकानेर, राजस्थान


सर्वप्रथम यह जान लें कि आई.वी.एफ.से उत्पन होनेवाले शिशुओंका और आध्यात्मिक स्तरका कोई सम्बन्ध नहीं है । उच्च स्तरकी आध्यात्मिक जीवात्माएं सामान्यत: सात्त्विक माता-पिताके घर जन्म लेते हैं……..

आगे पढें

सन्तान प्राप्तिके लिए क्या उपाय कर सकते हैं ?

एक व्यक्तिने स्वस्थ एवं सात्त्विक सन्तान हेतु माता-पिता ने कौनसे प्रयत्न करने चाहिए ?, इस सत्संग अंतर्गत यू-ट्यूबपर एक प्रश्न किया है, यदि कोई दम्पती दस वर्षोंसे निःसंतान है तो वे सन्तान प्राप्तिके लिए क्या उपाय कर सकते हैं ?


यदि दोनों पति-पत्नीको शारीरिक दृष्टिसे कोई कष्ट न हो एवं तब भी उन्हें सन्तान नहीं हो रहा हो तो वह कष्ट आध्यात्मिक कारणोंसे हो सकता है ! आध्यात्मिक स्तरके कष्टके अनेक कारण हो सकते हैं, जैसे………….

आगे पढें

उत्तराधिकारी घोषित करनेके सम्बन्धमें संतों और आजके राजनेताओंमें भेद !


अध्यात्म प्रसारके मध्य पिछले कुछ वर्षोंमें कुछ खरे संतोंके आश्रमोंसे परिचय हुआ है और मैंने पाया है कि जब उस आश्रमके मुखिया पदपर आसीन संतको कोई योग्य उत्तराधिकारी नहीं मिलते हैं तो वे अपने देह-त्यागके पश्चात उनकेद्वारा किया जा रहा धर्मकार्य निर्विघ्न होता रहे, इस हेतु एक न्यासकी स्थापनाकर, सर्वकार्य न्यासके योग्य सदस्योंको सौंप देते […]

आगे पढें

सांसारिक वस्तुसे प्राप्त होनेवाले सुखकी अपेक्षा साधनासे प्राप्त होनेवाले आनंदका अधिक महत्त्व होना!


सांसारिक वस्तुसे प्राप्त होनेवाले सुखकी अपेक्षा साधनासे प्राप्त होनेवाले आनंदका अधिक महत्त्व है; किन्तु यह वही समझ सकता है जो साधनारत है | बुद्धिसे इस तथ्यको समझना सम्भव नहीं !

आगे पढें

आटेका पलथन रोटी बनानेके पश्चात पुनः आटेके पात्र, टिन, डब्बा इत्यादिमें डालनेसे भण्डार होता है अशुद्ध !


कुछ स्त्रियां आटेका पलथन रोटी बनानेके पश्चात उसे पुनः आटेके पात्र, टिन, डब्बा इत्यादिमें डाल देती हैं इससे भण्डार अशुद्ध……

आगे पढें

© 2017. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution