सूक्ष्म जगत

सूक्ष्म जगत – दोष निर्मूलनका महत्त्व


    उपासनाकी एक साधिका पिछले कुछ माहसे बहुत उत्कण्ठासे व्यष्टि व समष्टि साधना कर रही है । आपातकालको ध्यानमें रखते हुए हमारी संस्थाकी ओरसे ‘ऑनलाइन’ सत्संग एवं सामूहिक नामजप आरम्भ किया गया है । प्रायः एक माह नियमित सामूहिक नामजपमें सम्मिलित होनेपर पितृपक्षमें एक दिवस अकस्मात सामूहिक नामजपके समय उनसे भिन्न प्रकारकी मुद्राएं विशेषकर […]

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नवरात्रमें हिन्दू राष्ट्रके स्थापना निमित्त किए अनुष्ठान की अनुभूति !


जब भी कोई अनुष्ठान होता है तो ईश्वर मुझे निश्चित ही कोई विशिष्ट अनुभूति देते हैं, जो मैं समाजके साथ भी साझा कर सकती हूं । इस बार वैदिक उपासना पीठके देश-विदेशके साधकोंने व्यष्टि एवं ‘ऑनलाइन’ सामूहिक स्तरपर नवरात्रमें हिन्दू राष्ट्रके स्थापनाके निमित्त दस लाख ‘श्री राम जय राम जय जय राम’का जप किया और […]

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लोगोंमें किन-किन बातोंको लेकर अहं हो सकता है !


लोगोंमें किन-किन बातोंको लेकर अहं हो सकता है, इसकी हम कल्पना भी नहीं कर सकते हैं । कुछ समय पूर्व एक तथाकथित समाजसेवक हमारे आश्रममें पधारे थे । वे हमारे एक कार्यकर्ताके परिचित थे । उन्होंने बातों ही बातोंमें बताया कि वे लोगोंके दुःख दूर करते हैं । उनके पास सब दुखी लोग आते हैं […]

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पितरोंके सद्गति हेतु ‘ऑनलाइन’ सामूहिक जप आरम्भ करनेपर कष्ट होना !


पितरोंके सद्गति हेतु ‘ऑनलाइन’ सामूहिक जपको यश मिल रहा है । भारतके अतिरिक्त पांच और देशमें रह रहे प्रवासी हिन्दू इसका लाभ उठा रहे हैं । अब यह कैसे हो सकता है कि जिन पितरोंने कुपित होकर अपने वंशजोंके जीवनमें अनेक अडचनें निर्माण की हों, उन्हें सद्गति देने हेतु हम समष्टि प्रयास करें और हमें […]

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दुर्घटना सम्भावित क्षेत्रोंसे संबंधित सूक्ष्म जगतके तथ्य !


नवम्बर २०१८ से जब हमने इंदौरके मानपुर ग्राममें उपासनाके आश्रमका निर्माण कार्य आरम्भ किया और इस क्रममें हम इंदौर महानगरसे, जहां हम कुछ समयके लिए भाडेपर एक घर लेकर रह रहे थे, वहांसे निर्माण कार्यके निरीक्षण हेतु जब भी इंदौरसे आगरा-मुम्बई राजमार्गसे मानपुर आते या पुनः लौटते तो प्रत्येक बार, एक वर्षतक, हमें उस मार्गमें […]

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सूक्ष्म जगत – अग्निहोत्र मार्गदर्शनकी पूर्वसिद्धता आरम्भ करनेपर हुआ अनिष्ट शक्तियोंका कष्ट !


कलसे अग्निहोत्र करने हेतु लोगोंके मार्गदर्शन हेतु सर्व पूर्वसिद्धता आरम्भ की है और मध्याह्न आते-आते मेरे मुखपर कई स्थानोंपर बडे-बडे लाल चकत्ते दिखाई देने लगे हैं और संध्या समय होते-होते वे लाल-लाल दानेमें परिवर्तित हो गए ……

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वैदिक उपासना पीठके मानपुर आश्रममें इस वर्ष बसंत पंचमीमें स्थानान्तरित होना एक ईश्वरीय नियोजन !


     पिछले वर्ष सितम्बर माहमें हमने सोचा कि अप्रैल माहमें हम इंदौर नगरसे मानपुरके निर्माणाधीन आश्रममें स्थानान्त्तरित होंगे ! क्योंकि स्वास्थ्यकी स्थिति तो अपंगों जैसी ही हैं ! इसलिए सोचा कि लेखन इत्यादि भी रहता है; अतः सब धीरे-धीरे व्यवस्थित होने देते हैं ! किन्तु तभी दिसंबरके प्रथम सप्ताहमें ऐसे विचार आने लगे कि […]

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पितृपक्षमें शुभ कर्म क्यों नहीं करने चाहिए ?


ऐसे श्राद्ध कर्ममें तृप्त एवं अतृप्त दोनों ही पितर आते हैं इसलिए आश्रम परिसरका वातावरणमें नकारात्मकता आ गयी थी जिसे हमने उस यन्त्रके प्रयोगसे दिखाया और जैसे ही ब्राह्मण सर्व पितृ कर्म करवाकर भोजन कर चले गए तो वातावरणका परिसर पुनः….

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सूख रहे वस्त्रोंको रात्रिमें छतपर ही सूखने हेतु न छोड दे!


आजकल अनेक लोग अपने घरमें सूख रहे वस्त्रोंको रात्रिमें छतपर ही सूखने हेतु छोड देते हैं । ऐसा करना अनुचित है; क्योंकि रात्रिके कालमें अनिष्ट शक्तियां विचरण करती हैं और उन्हें हमारे वस्त्रोंसे हमारा वलय ज्ञात हो जाता है, ऐसेमें वे हमपर…………

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