प्रतिदिन थोडा समय सांसारिक चिन्ताओंको छोड ईश्वरीय चिन्तनको दें; इससे चिन्ताका मूल कारण स्वतः ही नष्ट हो जाएगा !
मजपको परिणामकारक बनाने हेतु हम कुछ प्रार्थनाओंके विषयमें जानकारी प्राप्त कर रहे थे इसी क्रममें साधक नामजप करनेसे पूर्व निम्नलिखित प्रार्थना भी कर सकते हैं ….
आरम्भिक अवस्थाके साधक नामजप करनेसे पूर्व आर्ततासे प्रार्थना करनेके संस्कार डालनेका प्रयास करें | एक प्रार्थना जो आप नित्य कर सकते हैं वह निम्नलिखित है – हे प्रभु, आप ही हमसे आपका नाम जप करवा कर ले लें….
नामजपकी परिणामकारकताको बढाने हेतु आरम्भिक अवस्थाके साधकोंने प्रथम भाव जागृति एवं उसके पश्चात भाव वृद्धि हेतु प्रार्थना करनी चाहिए ! भाव वृद्धि होनेसे जैस-जैसे शरणागति…..
नामजप करते समय सात्त्विक उदबत्ती (सनातन संस्थाकी उदबत्तीका उपयोग कर सकते हैं) लगानेसे एवं सात्त्विक वस्त्र धारण कर बैठनेसे भी लाभ होता है | वस्तुत: कर्मकाण्डकी साधना हेतु एक पृथक वस्त्र होता है, उसीप्रकार…..
कुछ साधक कहते हैं कि नामजप करते समय मन एकाग्र नहीं होता है | मनके न एकाग्र होनेके दो मुख्य कारण होते हैं एक तो मनमें अनेक संस्कारोंका होना और दूसरा वास्तुका अशुद्ध होना !…..
प्रारम्भिक अवस्थाके साधकोंने नामजप करते समय माला लेकर गिनती करते हुए नामजप करना चाहिए ! इससे नामजप वृद्धिमें सहायता मिलती है | उत्तरोत्तर अवस्थामें नामजपको सांसके साथ जोडते हुए…..
प्रारम्भिक अवस्थाके साधक यदि नामजप ब्राह्म मुहूर्तके कालमें (सूर्योदयसे ७२ मिनिट पूर्व) करें तो उसे नामजपका अधिक लाभ मिलता है; क्योंकि इस कालमें वातावरणमें अधिक चैतन्य……
सकाम साधना करनेवाले ८० % भक्त कुछ समय उपरान्त साधना करना छोड देते हैं ; क्योंकि कुछ लोगोंकी कामना पूर्ण हो जाती हैं इसलिए वे साधना छोड देते हैं तो कुछ लोगोंकी कामना पूर्ण नहीं होती है और उनमें धैर्य नहीं होता; इसलिए उनमें साधनाके प्रति विकल्प निर्माण हो जाता है और वे साधना छोड […]
प्रतिदिन कमसे कम एक घंटे बैठकर नामजप अवश्य करें । यदि एक ही सत्रमें एक घंटे आप नहीं बैठ सकते हैं तो दो या तीन सत्रमें बैठकर नामजप करनेका……