संस्कार, संस्कृति एवं भाषा

वास्तु शुद्धिकी पद्धतियोंके पालनसे घरमें मच्छर नहीं आते हैं


हरियाणाके एक साधक श्री मयंक गुप्ताने लिखा कि ‘उपासना’द्वारा बताई गई वास्तु शुद्धिकी पद्धतियोंके पालनसे उनके घरमें मच्छर नहीं आते हैं, जबकि घरके बाहर निकलते ही सीढियोंपर एवं पडोसियोंके घरपर मच्छर भिन-भिनाते रहते हैं….

आगे पढें

धर्मधारा


कुछ लोग कहते हैं कि हिंदीको हमारे संविधानने मातृभाषाके रूपमें मान्यता नहीं दी है; इसलिए यह राष्ट्रभाषा नहीं है । किसी भी देशकी राष्ट्रभाषा, उसकी संस्कृतिका अभिज्ञान (पहचान) कराती है, भारत एक हिन्दू बहुल देश है….

आगे पढें

धर्मधारा


पूर्व कालमें और आज भी अनेक विवाहित स्त्रियोंके माथेसे बिन्दी नहीं हटती हैं और आजकी आधुनिक स्त्रियोंको माथेपर बिन्दी लगानेको कहें तो वह ‘टिकती नहीं है’, ऐसा कहती हैं। जो बिन्दी सहस्रों वर्षोंसे विवाहित स्त्रियोंके श्रृंगारका अविभाज्य अंग रही है, वह आजकी आधुनिक कही जानेवाली स्त्रियोंके माथेपर क्यों नहीं टिकती हैं, इसपर उन्होंने अवश्य ही […]

आगे पढें

धर्मधारा


आजकी मैकाले शिक्षित युवा पीढीको जब भी आगामी कालकी भीषणताके विषयमें बताती हूं तो अनेक युवा एवं युवतियां कहते हैं कि सन्तवृन्द ऐसे कैसे भविष्यके विषयमें देखकर बता सकते हैं….

आगे पढें

धर्मधारा


निर्लज्ज स्वेराचारी स्त्रियोंको ‘बोल्ड’की उपमा देकर आजकी पत्रकारिता अपने बौद्धिक पतनका दे रही है परिचय…….

आगे पढें

धर्मधारा


धर्मप्रसारके मध्य यहां-वहां जाना होता ही है और आज उत्तर भारतके छोटे-छोटे उपनगरोंमें (कस्बोंमें) पुरुष वर्ग स्त्रियोंको मैडम कहकर सम्बोधित करने लगे हैं। बहन, दीदी, भाभी, चाची, काकी, मौसी, बुआ ये सब आदारार्थी शब्द हैं…..

आगे पढें

धर्मधारा


एक व्यक्तिने मुझसे पूछा है, “स्त्री सशक्तिकरणके लिए आप क्या कर रही हैं ?”
मैंने कहा, “पुरुषोंको साधना और धर्माचरण सिखा रही हूं, जिस समाजका पुरुष साधक बन जाए, उस समाजमें स्त्री सशक्तिकरणकी आवश्यकता ही नहीं होती है….

आगे पढें

कर्मनिष्ठ ब्राह्मणोंकी सम्मान पानेकी इच्छा है विषप्राशन करने समान


कर्मनिष्ठ ब्राह्मणको सम्मान पानेसे सदा बचना चाहिए और उसे विषतुल्य समझना चाहिये । इसके विपरीत वह अपमानकी सदैव आकांक्षा करे एवं अपमान करनेवालेको क्षमा कर दे…

आगे पढें

धर्मधारा


उपासनाके इस कार्यको भविष्यमें करने हेतु आश्रममें दैवी बालकोंका प्रवेश आरम्भ हो गया है, इसमें प्रथम पूर्णकालिक बालक अमेरिकी नागरिक है (वह हिन्दू माता-पिताकी संतान है जिसका जन्म अमेरीकामें हुआ है)। उसके जन्मकी भी कथा रोचक है….

आगे पढें

पालतू पशुओंको रखने सम्बन्धी योग्य दृष्टिकोण


पशुको पालनेसे पूर्व उसके लिए एक भिन्न कक्ष हो तो ही उसे पालना चाहिए ।  पालतू पशु घरमें सर्वत्र अपने केश बिखेरते हैं या शौच या मूत्रत्याग करते हैं, इससे वास्तु अशुद्ध होता है ।

आगे पढें

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution