धर्मशिक्षणके अभावके कारण, आज अनेक जन्मब्राह्मण जिनके उपनयन संस्कार हो चुके होते हैं, वे कुछ काल उपरान्त अपने यज्ञोपवितका परित्याग कर देते हैं, विशेषकर उत्तर भारतके नगरों एवं महानगरोंमें रहनेवाले युवावर्गमें, यह अत्यन्त सामान्य तथ्य है…..
शिवत्वहीन आधुनिक विज्ञानके वैज्ञानिक अविष्कारोंका कुप्रभाव, स्वयं ही अपने शोधसे बता रहे हैं कि आधुनिक विज्ञानके सारे उपकरण जैसे फ्रिज (शीत कपाटिका), धुलाई यन्त्र इत्यादि स्थूल स्तरपर ध्वनि प्रदूषण करते हैं । यह तो मात्र स्थूल पक्ष है, सूक्ष्म स्तरपर इनसे प्रचण्ड मात्रामें अनिष्टकारी काली शक्तियोंका प्रक्षेपण होता है, जिससे हमारे शरीर, मन एवं बुद्धिपर […]
कुछ दिवस पूर्व एक दम्पति हमारे आश्रमसे प्रातःकाल साढे चार बजे अपने घर, रेलयानसे जानेवाले थे । मैंने देखा कि उनलोगोंने सवा चार बजे तक स्नान करनेका नियोजन नहीं किया था……
कुछ दिवस पूर्व देहलीमें एक युवा जिज्ञासु मिलने आया था । वह अर्ध विक्षिप्त सा था । उसे देखकर मेरे पिताद्वारा कही गयी एक कहावत ध्यानमें आई, ‘बाढे पूत पिताके धर्मे और खेती उपजे अपने कर्मे’ ! वैसे यह प्रथम बार नहीं है कि मैं किसी विक्षिप्त युवासे मिली हूं…..
जिनमें तमोगुणका प्रमाण अधिक होता है, उनमें स्वार्थरुपी दुर्गुण भी अधिक होता है । स्वार्थी व्यक्ति सदैव स्वयंके विषयमें या ‘अधिकसे अधिक’ अपने परिवारके विषयमें विचार करता है, यह मोह, उसे कब अधर्म करने हेतु प्रवृत्त कर देता है, उसे भी ज्ञात नहीं होता !…..
अनादिकालसे हिन्दू धर्ममें प्रातःकाल शौचादि उपरान्त स्नान करना यह दिनचर्याका अविभाज्य अंग रहा है ।
मैंने अनेक लोगोंको नियमित स्नान नहीं करते हुए पाया है, जब पूछती हूं तो वे कहते हैं समय नहीं मिला या आलस्य हो रहा था…..
ख्रिस्ताब्द २०१४ धर्मयात्राके मध्य हम इटलीसे जर्मनी चार पहिये वाहनसे जा रहे थे । चूंकि बारह घण्टेका प्रवास था; अतः मध्यान्ह, राजमार्गमें एक स्थानपर, जहां रुककर भोजन करनेकी व्यवस्था भी थी, हम सभी भोजन करने लगे….
भूलसे भी पूजाघर या मन्दिरमें मोमबत्ती न जलाएं ! आज कल अनेक आधुनिक स्त्रियां मॉलसे मोमबत्ती लाकर पूजाघरमें जलाती हैं, देसी गायके घीसे स्वर्गलोक तकके देवताके तत्त्व, आपके पूजाघरमें आकृष्ट होते हैंं…
चित्र यदि जीर्ण-शीर्ण हो जाए और मूर्ति खण्डित हो तो उससे देवताके चैतन्यके प्रक्षेपणका प्रमाण नगण्य हो जाता है; अतः उन्हें स्वच्छ एवं बहते जलमें त्वरित प्रवाहित करें और नूतन चित्र या मूर्ति लाकर पूजाघरमें रखें….